Green Kashi Project Varanasi : डोमरी में आकार ले रहा 350 बीघा का ‘ग्रीन काशी’ महावन, 2.51 लाख पौधों से सजेगा गंगा किनारा

Green Kashi Project Varanasi : वाराणसी के डोमरी में 350 बीघा में विकसित हो रहा ‘ग्रीन काशी’ प्रोजेक्ट तेजी से आकार ले रहा है। 2.51 लाख पौधों, मियावाकी तकनीक और 60 गंगा घाटों की थीम पर बना यह महावन पर्यावरण और काशी की सुंदरता को नई पहचान देगा।

Green Kashi Project Varanasi : वाराणसी के डोमरी (सुजाबाद) क्षेत्र में नगर निगम की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘ग्रीन काशी’ अब तेजी से धरातल पर आकार लेने लगी है। लगभग 350 बीघा क्षेत्र में विकसित हो रहा यह विशाल मियावाकी वन न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि काशी की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाई देने जा रहा है।

बुधवार को वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पौधों की प्रगति और उनकी जीवित रहने की दर (survival rate) पर संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पौधों के संरक्षण और विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यह परियोजना देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi की सराहना भी प्राप्त कर चुकी है। एक मार्च को एक घंटे के भीतर 2,51,446 पौधे रोपकर इस परियोजना ने विश्व कीर्तिमान भी स्थापित किया था।

Green Kashi Project Varanasi : गर्मी से बचाव के लिए विशेष व्यवस्था

तेज होती गर्मी को देखते हुए महापौर ने पौधों की सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोमल पौधों को धूप से बचाने के लिए ग्रीन नेट का ‘सुरक्षा कवच’ तैयार किया जाए। साथ ही आधुनिक रेनगन सिस्टम के जरिए नियमित सिंचाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा पौधों को समय-समय पर खाद देने और निराई-गुड़ाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि उनकी जड़ों तक पर्याप्त नमी और हवा पहुंच सके।

Green Kashi Project Varanasi : 60 घाटों की थीम पर विकसित हो रहा वन

‘ग्रीन काशी’ की सबसे खास बात इसका सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्वरूप है। पूरे वन क्षेत्र को काशी के 60 प्रसिद्ध गंगा घाटों के नाम पर अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है। इनमें Dashashwamedh Ghat, Manikarnika Ghat और Assi Ghat जैसे प्रमुख घाट शामिल हैं। प्रत्येक सेक्टर में शीशम, सागौन, अर्जुन सहित 27 देशी प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। साथ ही अश्वगंधा और गिलोय जैसे औषधीय पौधे भी इस वन का हिस्सा हैं।

Green Kashi Project Varanasi : सुरक्षा और निगरानी के हाईटेक इंतजाम

नगर निगम ने इस महावन की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे क्षेत्र में 25 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। रात के समय प्रकाश के लिए 20 हाईमास्क लाइटें और 24 घंटे सुरक्षा गार्डों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।

Green Kashi Project Varanasi : पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ

यह ‘ग्रीन काशी’ भविष्य में न केवल ऑक्सीजन का बड़ा स्रोत बनेगी, बल्कि गंगा किनारे एक हरित विरासत के रूप में काशी की सुंदरता भी बढ़ाएगी। साथ ही यह परियोजना आने वाले समय में आय सृजन का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।

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