Ghosi By Election 2025 : सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद यूपी की मऊ स्थित घोसी विधानसभा सीट रिक्त घोषित। विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी की। छह महीने के भीतर उपचुनाव कराए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर।
UP Ghosi By Election: घोसी विधानसभा सीट रिक्त, छह महीने के भीतर होगा उपचुनाव
Ghosi By Election 2025 : उत्तर प्रदेश की मऊ जिले की चर्चित घोसी विधानसभा सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक सुधाकर सिंह के निधन के बाद विधानसभा सचिवालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। नियमों के तहत अब इस सीट पर अगले छह महीनों के भीतर उपचुनाव कराए जाएंगे।

अधिसूचना की कॉपी राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा के सदस्यों, जिलाधिकारी मऊ और मुख्य निर्वाचन अधिकारी समेत सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई है। इसके साथ ही घोसी विधानसभा में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है।
Ghosi By Election 2025 : सपा विधायक सुधाकर सिंह के निधन से सीट हुई खाली
घोसी के सपा विधायक सुधाकर सिंह का 20 नवंबर 2025 को बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके निधन के बाद यह सीट खाली हुई।
भारत के चुनाव नियमों के अनुसार यदि किसी जनप्रतिनिधि की मृत्यु, इस्तीफा या अयोग्यता के कारण सीट खाली होती है, तो छह महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य होता है।
Ghosi By Election 2025 : 2022 के बाद दूसरी बार घोसी में उपचुनाव
घोसी विधानसभा सीट पिछले कुछ वर्षों से लगातार राजनीतिक सुर्खियों में रही है।
2022 में, दारा सिंह चौहान ने बीजेपी छोड़कर सपा ज्वाइन किया था और इसी सीट से विधायक बने थे।
लेकिन एक साल के भीतर ही दारा सिंह चौहान ने विधायक पद से इस्तीफा देकर दोबारा बीजेपी ज्वाइन कर ली।
इससे 2023 में इस सीट पर उपचुनाव कराना पड़ा।
Ghosi By Election 2025 : 2023 उपचुनाव में सुधाकर सिंह ने BJP को दी थी बड़ी हार

2023 के उपचुनाव में—
बीजेपी ने फिर से दारा सिंह चौहान पर दांव खेला
जबकि सपा ने सुधाकर सिंह को टिकट दिया
इस चुनाव में घोसी में जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला, जिसमें सुधाकर सिंह ने लगभग 50,000 वोटों से दारा सिंह चौहान को मात दी थी। यह जीत पूरे प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी रही।

Ghosi By Election 2025 : अब 2027 से पहले एक और मुकाबला तय
सुधाकर सिंह की मृत्यु के बाद अब यह सीट फिर से खाली हो गई है। ऐसे में अनुमान है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले घोसी में एक बार फिर
बीजेपी और सपा के बीच कड़ा राजनीतिक मुकाबला देखने को मिलेगा।
दोनों पार्टियों के लिए घोसी सीट प्रतिष्ठा का विषय बन चुकी है, और यह उपचुनाव पूरे प्रदेश की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।