Gavishthi Yatra : गौ संरक्षण के लिए शंकराचार्य का बड़ा ऐलान- 3 मई से 81 दिनों की ‘गविष्ठि यात्रा’, लखनऊ में होगा महा सम्मेलन

Gavishthi Yatra : गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के प्रचार के लिए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 3 मई से 81 दिनों की ‘गविष्ठि यात्रा’ शुरू करेंगे। यात्रा गोरखपुर से शुरू होकर पूरे उत्तर प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाएगी और 24 जुलाई को लखनऊ में बड़े सम्मेलन के साथ समाप्त होगी।

Gavishthi Yatra : वाराणसी। गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को लेकर Swami Avimukteshwaranand Saraswati ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने 3 मई से 81 दिनों की ‘गविष्ठि यात्रा’ निकालने की घोषणा की है, जो 23 जुलाई तक चलेगी। इस यात्रा का उद्देश्य गौ रक्षा के प्रति जनजागरण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करना बताया गया है। शंकराचार्य ने बताया कि यह यात्रा Gorakhpur से शुरू होकर पूरे उत्तर प्रदेश की परिक्रमा करेगी और अंत में फिर से गोरखपुर में ही समाप्त होगी। यात्रा के दौरान संत समाज और सामाजिक संगठनों के सहयोग से विभिन्न जिलों और कस्बों में सभाएं, संवाद कार्यक्रम और जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

Gavishthi Yatra : गौ संरक्षण के लिए जनजागरण अभियान

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गौ संरक्षण के लिए समाज को जागरूक और संगठित करने की आवश्यकता है। यात्रा के दौरान संत-महात्मा, धार्मिक संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और आम जनता को गौ संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व के बारे में बताया जाएगा।

Gavishthi Yatra : पूरे प्रदेश में होगा संवाद कार्यक्रम

‘गविष्ठि यात्रा’ के दौरान शंकराचार्य विभिन्न जिलों में पहुंचकर सभाओं को संबोधित करेंगे और लोगों से गौ रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान करेंगे। इस दौरान गौशालाओं के संरक्षण, गौवंश की सुरक्षा और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

Gavishthi Yatra : 24 जुलाई को लखनऊ में होगा बड़ा सम्मेलन

शंकराचार्य ने बताया कि यात्रा के समापन के बाद 24 जुलाई को Lucknow में एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में यात्रा के दौरान उठाए गए मुद्दों और सुझावों पर चर्चा की जाएगी तथा आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि उस समय बारिश भी होती है तो भी लोग बरसाती पहनकर इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, लेकिन सम्मेलन हर हाल में आयोजित किया जाएगा।

Gavishthi Yatra : ‘चतुरंगिणी’ संगठन बनाने की घोषणा

शंकराचार्य ने गौ रक्षा के लिए ‘चतुरंगिणी’ नामक नए संगठन के गठन की भी घोषणा की है। उन्होंने बताया कि यह संगठन नागा साधुओं की सेना की तर्ज पर कार्य करेगा और धर्म, गौ संरक्षण तथा समाज के हितों की रक्षा के लिए सक्रिय रहेगा। इस संगठन में समाज के अलग-अलग वर्गों, संत समाज और युवाओं को शामिल किया जाएगा, ताकि सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर संगठित रूप से काम किया जा सके। शंकराचार्य ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए व्यापक जनसमर्थन आवश्यक है।

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