Ganga Boat Overloading : वाराणसी में गंगा नदी पर नावों की ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर पुलिस का सख्त अभियान। 173 नावों की जांच, 13 नावें सीज और चार मामलों में मुकदमा दर्ज। लाइफ जैकेट न होने पर भी कार्रवाई।
Ganga Boat Overloading : वाराणसी। वाराणसी में गंगा नदी पर नाव संचालन को सुरक्षित और नियमबद्ध बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने गुरुवार को विशेष सघन अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले नाव चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। कुल 173 नावों की जांच की गई, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।

Ganga Boat Overloading : 13 नावें सीज, चार पर मुकदमा दर्ज
अभियान के दौरान एक नाव निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां लेकर चलती पाई गई। ओवरलोडिंग के मामले में संबंधित नाव चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि कुल 13 नावों को सीज किया गया, जबकि चार मामलों में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
15 नावों में नहीं मिली पर्याप्त लाइफ जैकेट जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में लापरवाही भी उजागर हुई। करीब 15 नावों में यात्रियों के लिए पर्याप्त लाइफ जैकेट उपलब्ध नहीं थीं। इस पर संबंधित नाव चालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन करना यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ है।
Ganga Boat Overloading : प्रदूषण मानकों का भी हुआ परीक्षण

अभियान के तहत इंजन चालित नावों की भी जांच की गई। प्रदूषण नियंत्रण के मानकों की जांच में कोई भी नाव निर्धारित मानकों का उल्लंघन करती नहीं पाई गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रदूषण को लेकर नाव संचालकों में जागरूकता बढ़ी है।
Ganga Boat Overloading : जागरूकता अभियान भी साथ-साथ
सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया गया। पुलिस टीम ने घाटों पर माइक अनाउंसमेंट के माध्यम से नाव चालकों और यात्रियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने, लाइफ जैकेट पहनने और गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने नाव संचालकों को भविष्य में नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी।

Ganga Boat Overloading : नियमित चलेगा अभियान
पुलिस कमिश्नरेट ने साफ किया है कि गंगा में नाव संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से चलाए जाएंगे। गौरतलब है कि पर्यटन सीजन और धार्मिक आयोजनों के दौरान घाटों पर भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे में नावों की ओवरलोडिंग किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह सख्ती दिखाई है।