Diabetes Risk Foods: रोजमर्रा में खाए जाने वाले 6 फूड आपकी ब्लड शुगर को बढ़ाकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। जानें किन चीजों को तुरंत कम या बंद कर देना चाहिए।
Diabetes Risk Foods: भारत में तेजी से बढ़ता डायबिटीज (मधुमेह) आज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। अधिकांश लोग इसे केवल मीठा खाने से जोड़कर देखते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि कई रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ भी खामोशी से ब्लड शुगर को अनकंट्रोल कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ फूड्स ऐसे हैं जिन्हें ज्यादा या नियमित खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और यही आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का कारण बन सकता है।
Diabetes Risk Foods: यहां जानिए वे 6 फूड जिनसे तुरंत दूरी बनाना आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है।

- डीप-फ्राइड स्नैक्स
सामोसा, पकौड़ा, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज जैसे डीप-फ्राइड फूड भारतीयों के पसंदीदा हैं, लेकिन इनका बार-बार सेवन शरीर में अनहेल्दी फैट जमा करता है। वजन तेजी से बढ़ता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, ट्रांस फैट ब्लड शुगर को और खराब करता है। फास्ट फूड में इस्तेमाल होने वाला तेल बार-बार गर्म किया जाता है, जिससे ट्रांस फैट बनता है—जो डायबिटीज के सबसे बड़े ट्रिगर्स में से एक है।
- ग्रेनोला और तथाकथित हेल्दी सीरियल्स
बाजार में बिकने वाले ग्रेनोला, ओट बार और कई सीरियल्स को हेल्दी बताकर बेचा जाता है, जबकि उनमें छिपी हुई शुगर बहुत ज्यादा होती है। छोटी सर्विंग भी शुगर स्पाइक करती है, लगातार स्पाइक्स से इंसुलिन डिमांड बढ़ जाती है और इससे शरीर धीरे-धीरे इंसुलिन पर निर्भर हो जाता है। लंबे समय में यह आदत डायबिटीज के खतरे को कई गुना बढ़ा देती है।
- प्रोसेस्ड मीट
सॉसेज, बेकन, सलामी जैसे प्रोसेस्ड मीट में सोडियम, नाइट्रेट और प्रिजर्वेटिव्स बेहद ज्यादा होते हैं। ये शरीर में सूजन बढ़ाते हैं, मेटाबॉलिज्म धीमा करते हैं और ब्लड शुगर नियंत्रण बिगड़ता है। रिसर्च के अनुसार प्रोसेस्ड मीट का डायबिटीज और हार्ट डिजीज दोनों से गहरा संबंध है।
- सोडा और मीठे ड्रिंक्स

कोल्ड ड्रिंक्स, पैक्ड जूस, फ्लेवर्ड सोडा और एनर्जी ड्रिंक्स में अत्यधिक एडेड शुगर होती है। एक कैन सोडा कई दिनों की शुगर जरूरत से ज्यादा, तुरंत ब्लड ग्लूकोज बढ़ता है और पैनक्रियाज़ को बार-बार अतिरिक्त इंसुलिन बनाना पड़ता है। यह नियमित रूप से करने पर इंसुलिन रेजिस्टेंस का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।
- सफेद ब्रेड और मैदा वाली चीजें
ब्रेड, बन, नान, कुकीज़—इन सभी में मैदा होता है जो तेजी से ग्लूकोज में बदल जाता है। फाइबर की कमी, हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स, ब्लड शुगर तुरंत बढ़ता है।
रोजाना मैदा आधारित चीजें खाने से शरीर की ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने की क्षमता कमजोर होने लगती है।

- सफेद चावल
भारतीय थाली का मुख्य हिस्सा होने के बावजूद सफेद चावल एक रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ऊंचा, जल्दी ग्लूकोज में बदलता है और रोजाना ज्यादा खाने से वजन बढ़ता है। अधिक मात्रा में सफेद चावल का सेवन टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को बड़ा बना देता है।
Diabetes Risk Foods: डायबिटीज केवल मीठा खाने से नहीं होती, बल्कि आपकी रोज की खाने की आदतें भी इसे बढ़ावा दे सकती हैं। इन 6 फूड्स को कम करना या बंद करना ब्लड शुगर कंट्रोल में बेहद मददगार है और डायबिटीज से बचाव का एक आसान तरीका भी।