Delhi Humayun’s Tomb Accident : स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन राजधानी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित ऐतिहासिक हुमायूं मकबरे में दर्दनाक हादसा हो गया। मकबरे के परिसर में पीछे की ओर स्थित फतेह शाह दरगाह का एक हिस्सा गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए।
हादसा शाम करीब 4 बजे हुआ जब तेज बारिश के कारण लोग दरगाह के पास शरण लिए हुए थे। अचानक कमजोर और पुरानी इमारत का हिस्सा गिर गया और कई लोग मलबे में दब गए। दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और मलबे से 10-12 लोगों को बाहर निकाला।
घायलों को तुरंत एम्स और एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायर ऑफिसर मुकेश वर्मा ने बताया कि “गिरा हुआ ढांचा कमजोर और पुराना था, दो कमरे पूरी तरह ध्वस्त हो गए।”
मृतकों में मोईन नाम का युवक भी शामिल है, जो कपड़े की दुकान पर काम करता था। मोईन के ससुर ने कहा, “वो नमाज पढ़ने गया होगा, लेकिन अब दो छोटे बच्चों का क्या होगा, समझ नहीं आ रहा।”
हुमायूं मकबरे का ऐतिहासिक महत्व
1569-70 में मुगल सम्राट हुमायूं की पहली पत्नी बेगा बेगम ने इसे बनवाया था। फ़ारसी वास्तुकार मिर्क मिर्ज़ा गियास और उनके बेटे सय्यद मुहम्मद ने इसका डिजाइन तैयार किया था। यह भारतीय उपमहाद्वीप का पहला बगीचा-मकबरा है और लाल बलुआ पत्थर के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल के लिए प्रसिद्ध है।
1993 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित होने के बाद इसका संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्य हुआ। मकबरे के परिसर में ईसा खान नियाज़ी का मकबरा सहित कई छोटे स्मारक भी हैं।
फिलहाल हादसे के बाद ASI और प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और कमजोर संरचनाओं का निरीक्षण किया जा रहा है।