CPR Training : काशी विद्यापीठ वाराणसी में सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, विशेषज्ञों ने आपात स्थिति में जीवन बचाने की तकनीक सिखाई। जानें क्यों हर नागरिक के लिए जरूरी है सीपीआर का ज्ञान।

CPR Training : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामना मदनमोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान में मंगलवार को जीवनरक्षक तकनीक कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) पर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राजकीय चिकित्सालय वाराणसी तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
संस्थान के सेमिनार कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य आकस्मिक हृदयगति रुकने, श्वसन अवरोध या अन्य आपात स्थितियों में त्वरित प्राथमिक उपचार की जानकारी देना था, ताकि ‘गोल्डन मिनट्स’ के दौरान सही हस्तक्षेप कर किसी व्यक्ति का जीवन बचाया जा सके।

CPR Training : हर नागरिक के लिए जरूरी है सीपीआर: डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में सीपीआर का ज्ञान केवल डॉक्टरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हर नागरिक के लिए यह अनिवार्य हो गया है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के छात्र समाज के जागरूक प्रहरी होते हैं और आपात स्थितियों में उनकी भूमिका बेहद अहम होती है।
CPR Training : विशेषज्ञ ने सिखाई जीवन बचाने की तकनीक
मुख्य वक्ता एवं सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने प्रशिक्षण के दौरान सीपीआर की वैज्ञानिक पद्धति को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति की सांस या हृदयगति रुक जाए तो तुरंत प्रतिक्रिया देना अत्यंत जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि सही तकनीक से छाती पर दबाव (Chest Compression) और कृत्रिम श्वसन (Artificial Breathing) देकर मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखी जा सकती है। समय पर दिया गया सीपीआर जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक अंतर साबित हो सकता है।

CPR Training : विद्यार्थियों को कराया गया प्रैक्टिकल अभ्यास
प्रशिक्षण कार्यक्रम की खास बात यह रही कि विद्यार्थियों को मैनिकिन (डमी) पर सीपीआर का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। इससे छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ इस तकनीक का उपयोग करने का अनुभव मिला।
CPR Training : संचालन व आभार
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. दयानन्द, डॉ. संतोष कुमार मिश्र, डॉ. नागेन्द्र पाठक, डॉ. जय प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. मनोहर लाल, डॉ. शिवजी सिंह, डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. अमित कुमार सिंह, रामात्मा श्रीवास्तव, विजय कुमार सिंह, गुरुप्रकाश सिंह, गणेश राय, शिवांगी, हर्षिता, पुलकित, जूली, अनुष्का, पीयूष, दिलकशा, आशीष, अनमोल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल छात्रों बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि सही समय पर दी गई प्राथमिक चिकित्सा किसी की जान बचा सकती है। सीपीआर जैसे कौशल को जन-जन तक पहुंचाना आज की आवश्यकता बन चुकी है।