Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : चंद्रावती गंगा घाट से जैन सर्किट को नई पहचान, 17.06 करोड़ की इको-फ्रेंडली परियोजना अंतिम चरण में

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : वाराणसी के चंद्रावती में 17.06 करोड़ रुपये से बन रहा आधुनिक इको-फ्रेंडली गंगा घाट अंतिम चरण में है। यह परियोजना जैन सर्किट को वैश्विक पहचान देने के साथ आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई देगी।

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : चंद्रावती गंगा घाट से जैन सर्किट को मिलेगी विशिष्ट पहचान, परियोजना अंतिम चरण में

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी वाराणसी में पर्यटन को नया आयाम देने वाली चंद्रावती गंगा घाट परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा जैन सर्किट के अंतर्गत 17.06 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा यह आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल घाट लगभग 99 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। यह घाट जैन धर्म के 8वें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु की जन्मस्थली चंद्रावती में स्थित है और जल्द ही श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : जैन सर्किट को वैश्विक पहचान की दिशा में बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह परियोजना जैन सर्किट के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार आध्यात्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। साल 2025 में वाराणसी में 17.30 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि शहर की वैश्विक पहचान तेजी से बढ़ रही है।

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : तीन-स्तरीय आधुनिक घाट लगभग तैयार

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार घाट का संरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रथम और द्वितीय स्तर पूरी तरह तैयार। तृतीय स्तर का प्लेटफॉर्म भी बनकर तैयार। फ्लोरिंग और रेलिंग का कार्य शेष। यह घाट लगभग 200 मीटर लंबा है और आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित किया गया है।

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : इको-फ्रेंडली तकनीक से निर्माण

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण-अनुकूल निर्माण है-कम कार्बन फुटप्रिंट तकनीक का उपयोग, गैबियन संरचना आधारित डिजाइन, गंगा तट के कटाव से सुरक्षा और भू-जल संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान। यह निर्माण न केवल टिकाऊ है बल्कि पारिस्थितिक संतुलन को भी सुरक्षित रखता है।

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं

घाट को पूरी तरह पर्यटन-अनुकूल बनाया जा रहा है-आसान पहुंच के लिए चौड़ी सीढ़ियां, शौचालय और पोर्टेबल चेंजिंग रूम, साइनेज और पार्किंग सुविधा, हेरिटेज लाइटिंग और हरित क्षेत्र, पत्थर की बेंच और जालीदार रेलिंग। इन सुविधाओं से यह घाट अन्य घाटों से अलग और अधिक आकर्षक बन रहा है।

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : जैन धर्मावलंबियों के लिए विशेष महत्व

चंद्रावती, काशी से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित एक पवित्र स्थल है, जहां भगवान चंद्रप्रभु का जन्म हुआ और चार प्रमुख कल्याणक (जन्म, दीक्षा, च्यवन, केवलज्ञान) जुड़े हैं। 500 वर्ष पुराना प्राचीन मंदिर मौजूद है। जैन ग्रंथों के अनुसार, उन्होंने गंगा तट पर तपस्या कर केवलज्ञान प्राप्त किया था।

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

यह परियोजना न केवल धार्मिक महत्व को बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देगी। पर्यटन अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। जैन सर्किट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ेगी। मंत्री जयवीर सिंह ने इसे “विरासत संरक्षण और सतत विकास का उत्कृष्ट उदाहरण” बताया।

Chandravati Ganga Ghat Jain Circuit : चंद्रावती गंगा घाट परियोजना वाराणसी के पर्यटन मानचित्र में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। यह न केवल जैन धर्मावलंबियों के लिए आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *