Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : सुशासन के प्रतीक थे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी

भाषण प्रतियोगिता में साजिया व काव्य पाठ में हिमांशु रहे प्रथम

काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता विभाग में ‘सुशासन दिवस’ पर हुए विविध कार्यक्रम

Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता विभाग में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाई गई। संगोष्ठी, भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।

Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती ‘सुशासन दिवस’ के रूप में भव्यता के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संगोष्ठी, भाषण प्रतियोगिता एवं एकल काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत ‘सुशासन के प्रतीक : भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी’ विषयक संगोष्ठी से हुई। वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, कृतित्व और सुशासन की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला।

Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : अटल जी सत्ता नहीं, सेवा के प्रतीक थे

मुख्य अतिथि मानविकी संकाय के अध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने ऐसी शासन व्यवस्था विकसित की जिसमें सभी विचारधाराओं और समाज के प्रत्येक वर्ग का सम्मान निहित था। उन्होंने सत्ता को शक्ति का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना। उनका मानना था कि मनुष्य के साथ मनुष्यता का व्यवहार होना चाहिए। अटल जी के सुशासन की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : अटल जी की नीतियाँ आज भी रोल मॉडल

कार्यक्रम संयोजक डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की शासन प्रणाली आज भी एक रोल मॉडल के रूप में सामने आती है। उनकी स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और परमाणु परीक्षण जैसे ऐतिहासिक फैसलों ने भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान की। उन्होंने अटल जी को एक उच्च कोटि का कवि बताते हुए कहा कि उनकी कविताएं आज भी जनमानस को प्रेरित करती हैं।

Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : अजातशत्रु और संवेदनशील नेता थे अटल

डॉ. नागेन्द्र पाठक ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी एक कुशल शासक होने के साथ-साथ लोकतांत्रिक मूल्यों के सच्चे प्रहरी थे। वे विपक्ष में रहते हुए सरकार की आलोचना करते थे, लेकिन अच्छे कार्यों की खुले मन से सराहना भी करते थे।
डॉ. गिरीश कुमार दुबे ने अटल जी से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उन्हें एक महान और सुहृदय नेता बताया।
डॉ. मुंकेश कुमार शुक्ल ने अटल जी की प्रत्युत्पन्नमति और संवेदनशीलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने देश की कई जटिल समस्याओं का समाधान किया। अटल जी एक युगपुरुष थे, जिनकी तुलना कर पाना कठिन है।

Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : युवाओं के लिए प्रेरणा थे अटल बिहारी वाजपेयी

कार्यक्रम सह-समन्वयक डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय ने कहा कि अटल जी विचारों और व्यवहार से सदैव युवा बने रहे। यही कारण था कि वे हर वर्ग में अत्यंत लोकप्रिय थे। उनके भाषणों को सुनने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे।
डॉ. खुशबू सिंह ने अटल जी के प्रधानमंत्रित्व काल में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों की चर्चा की। वहीं विजय कुमार सिंह ने उन्हें कवि हृदय का प्रखर वक्ता बताया।

Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : भाषण और काव्य पाठ प्रतियोगिता के विजेता

इस अवसर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में

प्रथम स्थान: साजिया खान (एम.ए. मास कम्युनिकेशन, प्रथम सेमेस्टर)
द्वितीय स्थान: रिद्धि गुप्ता एवं मनीष विश्वकर्मा (बी.ए. ऑनर्स, द्वितीय वर्ष)
तृतीय स्थान: आशीष तिवारी (बी.ए. ऑनर्स, प्रथम सेमेस्टर)

वहीं एकल काव्य पाठ प्रतियोगिता में

प्रथम स्थान: हिमांशु तिवारी (बी.ए. ऑनर्स, द्वितीय वर्ष)
द्वितीय स्थान: निहारिका एवं रिया सोनी
तृतीय स्थान: फैजान अहमद

Atal Bihari Vajpayee Good Governance Day : संचालन व उपस्थिति

कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोहर लाल एवं डॉ. खुशबू सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर डॉ. शिव जी सिंह, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. सरिता राव, डॉ विजय सिंह, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, भागीरथी, हर्ष, वंशिका, जूली, जाह्नवी, कोमल, अनुष्का, समीक्षा, पीयूष, गौरव, जय कृष्णा, शिवांग, श्रवण, श्रेया, दिशान, लुकमान, ज्योति, खुशी, रीमा, मुस्कान आदि उपस्थित रहे।

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