Asim Munir coup in Pakistan : पाकिस्तान में तख्तापलट और नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच सेना प्रमुख फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को हटाकर मुनीर खुद सत्ता संभाल सकते हैं। इन खबरों को लेकर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पहले ही सफाई दे चुके थे, लेकिन अब जनरल मुनीर का बयान आ गया है।
पाकिस्तानी अखबार में छपे कॉलम के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार सुहैल वराइच ने ब्रुसेल्स में मुनीर से मुलाकात का जिक्र करते हुए लिखा कि आर्मी चीफ ने साफ कहा—
“नेतृत्व परिवर्तन की सारी अफवाहें झूठी हैं। इसके पीछे वही लोग हैं जो सरकार और प्रतिष्ठान, दोनों का विरोध करते हैं और देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं। मुझे देश का रक्षक होने पर गर्व है और मेरी किसी राजनीतिक पद में कोई रुचि नहीं है।”
इमरान खान को लेकर संकेत
राजनीतिक सुलह के सवाल पर मुनीर ने कहा कि मेल-मिलाप तभी संभव है जब ईमानदारी से माफी मांगी जाए। उनका इशारा साफ तौर पर जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पार्टी PTI की ओर माना जा रहा है। यह बयान पाकिस्तान में सेना और इमरान समर्थकों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
अमेरिका और चीन पर स्टैंड
जनरल मुनीर ने विदेश नीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और चीन दोनों के साथ संतुलन बनाए रखेगा और किसी एक को दूसरे की खातिर बलिदान नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रयासों को वास्तविक बताया और यह दावा किया कि पाकिस्तान ने ही ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की पहल की थी।
पाकिस्तान की राजनीति और सेना
पाकिस्तान के इतिहास में सेना और राजनीति का गहरा रिश्ता रहा है। कई बार सैन्य तख्तापलट के जरिए चुनी हुई सरकारें हटाई जा चुकी हैं। ऐसे में मुनीर का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सरकार और सेना के बीच स्थिरता और संतुलन का संदेश देता है।