Angiography Test: दिल की सेहत के लिए एंजियोग्राफी कितनी जरूरी? जानें जांच से पहले और बाद की पूरी जानकारी

Angiography Test: दिल की नसों में ब्लॉकेज का पता लगाने के लिए एंजियोग्राफी टेस्ट क्यों जरूरी है? जानिए एंजियोग्राफी क्या है, कैसे होती है, एंजियोप्लास्टी से फर्क और जरूरी सावधानियां।

Angiography Test: हमारा दिल दिन-रात बिना रुके काम करता है और पूरे शरीर में खून पहुंचाने का काम करता है। दिल की सेहत ठीक रहे, इसके लिए समय-समय पर जांच बेहद जरूरी होती है। आजकल दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में डॉक्टर कई मामलों में एंजियोग्राफी टेस्ट (Angiography Test) कराने की सलाह देते हैं। लेकिन अधिकतर लोग इस जांच को लेकर भ्रम में रहते हैं कि यह क्या है, कैसे होती है और इससे जुड़ी सावधानियां क्या हैं।

Angiography Test: क्या होता है एंजियोग्राफी टेस्ट?

एंजियोग्राफी एक खास मेडिकल जांच है, जिससे यह पता लगाया जाता है कि दिल, दिमाग या शरीर के अन्य हिस्सों की नसों और धमनियों में खून का बहाव सही है या नहीं। अगर किसी नस या आर्टरी में ब्लॉकेज, सिकुड़न या रुकावट होती है, तो एंजियोग्राफी उसे साफ-साफ दिखा देती है। सीने में दर्द, सांस फूलना, बार-बार थकान, बेचैनी या हार्ट अटैक के लक्षण दिखने पर डॉक्टर अक्सर यह जांच कराने की सलाह देते हैं।

Angiography Test: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या अंतर है ?

अक्सर लोग एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। एंजियोग्राफी सिर्फ एक जांच है, जिससे ब्लॉकेज की जगह और गंभीरता का पता चलता है। एंजियोप्लास्टी इलाज की प्रक्रिया है, जिसमें ब्लॉकेज को हटाकर स्टेंट डाला जाता है ताकि खून का बहाव सामान्य हो सके। यानि पहले समस्या की पहचान एंजियोग्राफी से होती है और जरूरत पड़ने पर एंजियोप्लास्टी से इलाज किया जाता है।

Angiography Test: कैसे की जाती है एंजियोग्राफी?

एंजियोग्राफी के दौरान डॉक्टर एक पतली ट्यूब, जिसे कैथेटर कहते हैं, हाथ या पैर की नस के जरिए दिल तक पहुंचाते हैं। इसके बाद नसों में एक विशेष रंगीन द्रव्य (डाई) डाला जाता है। जब यह डाई नसों में बहती है, तो एक्स-रे मशीन उसकी तस्वीरें लेती है। इन तस्वीरों के जरिए डॉक्टर यह देख पाते हैं कि खून का प्रवाह ठीक है या कहीं रुकावट मौजूद है। पूरी प्रक्रिया लगभग 30 मिनट से 1 घंटे तक चलती है। जांच के बाद कैथेटर निकाल दिया जाता है और मरीज को कुछ समय आराम करने की सलाह दी जाती है।

Angiography Test: ब्लॉकेज मिलने पर आगे क्या?

अगर एंजियोग्राफी में ब्लॉकेज पाया जाता है, तो डॉक्टर तुरंत या बाद में एंजियोप्लास्टी या स्टेंट लगाने की सलाह दे सकते हैं। इसके बाद मरीज को कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी होती हैं।

Angiography Test: एंजियोग्राफी के बाद जरूरी सावधानियां

भारी सामान उठाने से बचें। धूम्रपान और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं नियमित लें। हल्की वॉक या एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें। तला-भुना और ज्यादा फैट वाला खाना कम करें।फल, सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी तेल का सेवन करें। नमक और चीनी की मात्रा सीमित रखें।

Angiography Test: क्यों जरूरी है समय पर एंजियोग्राफी ?

समय रहते एंजियोग्राफी कराने से दिल की गंभीर बीमारियों का पता पहले ही चल जाता है। इससे हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थिति से बचा जा सकता है और सही समय पर इलाज संभव होता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी जांच या इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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