Varanasi : चौक थाने में दर्ज एक मामले में आजाद सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर सुनवाई एक बार फिर टल गई। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में बुधवार को जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान वादी पक्ष के अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह ने उपस्थित होकर वकालतनामा दाखिल किया और जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।
इस पर अमिताभ ठाकुर की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अनुज यादव ने समय दिए जाने का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने वादी पक्ष को केवल एक दिन का समय प्रदान करते हुए जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई के लिए 9 जनवरी की तिथि निर्धारित कर दी।

गौरतलब है कि बड़ी पियरी निवासी हिन्दू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने बीते 9 दिसंबर को चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वादी पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के झूठे आरोप लगाए गए। इसके साथ ही बहुचर्चित कफ सिरप मामले में बिना किसी साक्ष्य के उनकी संलिप्तता बताकर भ्रामक और गलत सूचना प्रसारित की गई, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची।
इस मामले में पुलिस ने आजाद सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर तथा एक अन्य के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज किया था। पेशी के लिए अमिताभ ठाकुर को बीते दिनों देवरिया से लाकर सेंट्रल जेल में रखा गया था, जहां से उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। न्यायिक रिमांड के बाद पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच देवरिया जेल ले गई थी।