नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘Mann Ki Baat’ के 129वें संस्करण में वर्ष 2025 को भारत की उपलब्धियों और राष्ट्रीय गर्व से भरा वर्ष बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान देश ने सुरक्षा, विज्ञान, अंतरिक्ष, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ हर भारतीय के लिए गर्व का प्रतीक बना। दुनिया ने देखा कि आज का भारत अपनी सुरक्षा और अपने नागरिकों के सम्मान से कोई समझौता नहीं करता। उन्होंने उल्लेख किया कि ऑपरेशन के दौरान देशभर और दुनिया के विभिन्न कोनों से देशभक्ति और एकजुटता की भावनाएं सामने आईं।
विज्ञान और अंतरिक्ष में बड़ी छलांग
पीएम मोदी ने बताया कि 2025 में भारत ने विज्ञान और स्पेस रिसर्च के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने, जो देश के अंतरिक्ष प्रयासों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। पर्यावरण संरक्षण की पहलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में चीतों की संख्या 30 से अधिक हो चुकी है।
आस्था और संस्कृति के गौरवपूर्ण क्षण
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रयागराज महाकुंभ के भव्य आयोजन ने दुनिया को भारत की सांस्कृतिक शक्ति से परिचित कराया, जबकि वर्ष के अंत में अयोध्या में राम मंदिर में झंडा फहराने की सेरेमनी हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण बनी।
प्रवासी भारतीयों की पहल की सराहना
पीएम मोदी ने दुबई में भारतीय समुदाय द्वारा संचालित ‘कन्नड़ पाठशाले’ का उल्लेख किया, जहां बच्चों को मातृभाषा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
नवाचार और स्थानीय समाधान का उदाहरण
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2025 का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि छात्रों ने 270 से अधिक सरकारी चुनौतियों पर काम किया। उन्होंने मणिपुर के युवा मोइरांगथेम सेठ का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने क्षेत्र में बिजली संकट का समाधान सोलर पावर के जरिए निकाला, जो स्थानीय नवाचार की प्रेरक मिसाल है।
पार्वती गिरि की विरासत को किया नमन
पीएम मोदी ने कहा कि जनवरी 2026 में ओडिशा की स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि की जन्मशताब्दी मनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पार्वती गिरि ने जीवन समाजसेवा और जनजातीय कल्याण को समर्पित कर दिया और उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि वर्ष 2025 ने भारत को नए आत्मविश्वास और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।