Sigra Stadium SAI MoU: सिगरा स्टेडियम SAI को सौंपने के एमओयू को मंजूरी, वाराणसी बनेगा नया स्पोर्ट्स हब

Sigra Stadium SAI MoU : उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बड़ा निर्णय लेते हुए वाराणसी के डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा को भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) को सौंपने के लिए एमओयू को मंजूरी दे दी है। यहाँ नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किया जाएगा।

सरकार के अनुसार, इस सेंटर में हर साल लगभग 180 खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे यूपी और देश के उभरते खिलाड़ियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

इसके साथ ही कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि राज्य सरकार के जिन खिलाड़ी-कर्मचारियों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी होती है, उस अवधि को ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा। इससे खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के दौरान अवकाश या वेतन से जुड़ी दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

Sigra Stadium SAI MoU : उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को खिलाड़ियों के भविष्य और प्रदेश में खेलों के विकास को नई ऊंचाई देने वाला बड़ा फैसला लिया। राज्य कैबिनेट ने वाराणसी स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) को सौंपने के एमओयू को मंजूरी प्रदान कर दी। अब यह स्टेडियम नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा।

सरकार के मुताबिक, यह कदम पूर्वांचल के हजारों खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर साबित होगा और वाराणसी देश के प्रमुख स्पोर्ट्स सिटी की श्रेणी में शामिल हो जाएगा।

Sigra Stadium SAI MoU : वाराणसी बनेगा स्पोर्ट्स का नया अंतरराष्ट्रीय हब

‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत पहले से ही आधुनिक सुविधाओं वाले सिगरा स्टेडियम को अब SAI पूरी तरह से संचालित और विकसित करेगा। यहां चार प्रमुख खेलों—बॉक्सिंग, कुश्ती, तलवारबाजी (फेंसिंग) और शूटिंग—में हर वर्ष लगभग 180 उभरते खिलाड़ियों को इंटरनेशनल लेवल की ट्रेनिंग दी जाएगी।

इसके लिए सालाना 13.50 करोड़ रुपये के व्यय का प्रस्ताव रखा गया है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा—

“यह पहल उत्तर प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्लेटफॉर्म देगी और वाराणसी खेल जगत की प्रमुख नगरी बनेगी।”

देशभर में SAI के वर्तमान 23 सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस हैं, जिनमें वाराणसी का यह नया केंद्र 24वां होगा।

Sigra Stadium SAI MoU : खिलाड़ियों की बड़ी समस्या दूर—अब प्रतियोगिताओं का समय ‘ऑन ड्यूटी’ माना जाएगा

दूसरा महत्वपूर्ण फैसला प्रदेश के सरकारी नौकरी करने वाले खिलाड़ियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब तक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं व ट्रेनिंग कैंप में जाने के लिए छुट्टी लेनी पड़ती थी।

क्योंकि अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली–2022 में इस बारे में स्पष्ट प्रावधान नहीं था।

लेकिन अब सरकार ने यह नियम बदल दिया है। नई व्यवस्था के तहत:

राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने का पूरा समय ड्यूटी माना जाएगा
ट्रेनिंग कैंप की अवधि भी सेवा अवधि में शामिल होगी
यात्रा का समय (ट्रैवल टाइम) भी ड्यूटी गिना जाएगा
खिलाड़ियों को सिर्फ विभागाध्यक्ष से अनुमति लेकर जाना होगा

इस फैसले से खिलाड़ियों को वेतन, प्रमोशन और सर्विस रिकॉर्ड से जुड़ी परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।

Sigra Stadium SAI MoU : UP के खेल क्षेत्र में बड़ा निवेश और अवसर

सरकार के इन फैसलों से—

पूर्वांचल में खेल सुविधाएं मजबूत होंगी
ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि के खिलाड़ी भी विश्वस्तरीय प्रशिक्षण पा सकेंगे
UP में इंटरनेशनल टूर्नामेंट आयोजित कराने की संभावनाएं बढ़ेंगी
वाराणसी की पहचान एक स्पोर्ट्स सिटी के रूप में बनेगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *