Prof D.N. Chaturvedi Jayanti : काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो. डी.एन. चतुर्वेदी की 104वीं जयंती एवं संविधान दिवस पाण्डेयपुर स्थित सुधाकर महिला शिक्षण संस्थान समूह में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में कई प्रख्यात शिक्षाविदों ने प्रो. चतुर्वेदी के योगदान और गांधीवादी दर्शन पर प्रकाश डाला।
Prof D.N. Chaturvedi Jayanti : पाण्डेयपुर स्थित सुधाकर महिला शिक्षण संस्थान समूह में 26 नवम्बर को काशी विद्यापीठ के पूर्व कुलपति प्रो.(डॉ.) डी.एन. चतुर्वेदी की 104वीं जयंती एवं संविधान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। संस्थान परिसर में सादगी और श्रद्धा के साथ आयोजित इस समारोह में कई प्रख्यात शिक्षाविद, प्रोफेसर एवं संस्थान के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Prof D.N. Chaturvedi Jayanti : दीप प्रज्वलन के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थापक एडवोकेट पं. जय नारायण दूबे, संस्थापिका एवं पूर्व प्रधानाचार्या श्रीमती शांति दूबे, सरस्वती जी और प्रो. डी.एन. चतुर्वेदी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने प्रो. चतुर्वेदी के शिक्षा, दर्शन और प्रशासनिक जीवन पर अपनी स्मृतियाँ साझा कीं।
चेयरमैन डॉ. प्रभु नारायण दूबे ने की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था के चेयरमैन डॉ. प्रभु नारायण दूबे ने कहा कि
“प्रो. डी.एन. चतुर्वेदी एक निष्पक्ष, सरल और उच्च आदर्शों वाले शिक्षाविद थे, जो सभी को एक सूत्र में पिरोकर रखते थे।”
Prof D.N. Chaturvedi Jayanti : संविधान और विचारधारा पर चर्चाएँ
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के हिन्दी विभाग के पूर्व हेड व डीन प्रो. श्रद्धानंद जी ने काशी विद्यापीठ को “आजादी के समय से वैचारिक गैलेक्सी” बताया।
अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. अनिल कुमार उपाध्याय ने अपने वक्तव्य में कहा कि
“भारत का संविधान ही वह धागा है, जो कश्मीर से कन्याकुमारी तक विविधता को एक सूत्र में बाँधे रखता है।”
वहीं श्री एस.सी. ब्रह्मचारी ने प्रो. चतुर्वेदी के गांधीजी के अर्थशास्त्र पर किए गए विलक्षण योगदान को रेखांकित किया।
अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व हेड एवं डीन प्रो. प्रदीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि प्रो. डी.एन. चतुर्वेदी एक सच्चे गांधीवादी विचारक थे, जिनका चिंतन आज भी प्रासंगिक है।
Prof D.N. Chaturvedi Jayanti : शिष्यों का संगम
धन्यवाद ज्ञापन सुधाकर महिला पी.जी. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार पाण्डेय ने किया। उन्होंने कहा कि
“आज गुरु जी के शिष्यों का समागम एक भावनात्मक संगम का रूप ले चुका है, जो संस्थान के लिए गौरव की बात है।”

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर प्रो. एस.एन. चतुर्वेदी, प्रो. अरविन्द पाण्डेय, प्रो. सुरेंद्र मिश्रा, प्रो. रमाशंकर त्रिपाठी, प्रो. अनिल कुमार उपाध्याय, प्रो. मानवेन्द्र किशोर दास, डॉ. अजयेन्द्र प्रताप सहित अनेक प्रख्यात शिक्षाविद और संस्थान के सभी शिक्षक-कर्मचारी उपस्थित रहे।
Prof D.N. Chaturvedi Jayanti : कार्यक्रम का संचालन
पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. राजकुमार श्रीवास्तव ने किया।