India Russia Trade Deficit: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ ने भारत की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रूस के साथ भारत का ट्रेड बढ़ने के बावजूद व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस दौरे के दौरान इस मुद्दे पर चिंता जताई।
भारत और रूस के बीच पिछले कुछ वर्षों में ट्रेड कई गुना बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही व्यापार असंतुलन भी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का रूस के साथ व्यापार घाटा 58.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो कि पहले से लगभग 9 गुना अधिक है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूस यात्रा के दौरान कहा कि “भारत-रूस का ट्रेड 2021 में 13 अरब डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 68 अरब डॉलर हो गया है। लेकिन व्यापार असंतुलन भी 6.6 अरब डॉलर से बढ़कर 58.9 अरब डॉलर हो गया है। इस घाटे को कम करने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।”
जयशंकर और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 21 अगस्त को मुलाकात करेंगे। रूस का कहना है कि लॉजिस्टिक, बैंकिंग और फाइनेंशियल चेन को मजबूत करना दोनों देशों के हित में होगा।
ट्रंप का टैरिफ और भारत की परेशानी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर तेल और अन्य आयात पर 25% टैरिफ लगाया था, जिसे बढ़ाकर अब 50% कर दिया गया है। ट्रंप का कहना है कि भारत रूस से तेल खरीदकर “वॉर इंजन को ईंधन” दे रहा है। वहीं, चीन को अमेरिका ने टैरिफ में राहत दी है।
इसके बावजूद भारत ने रूस का साथ नहीं छोड़ा और 2030 तक दोनों देशों के बीच 100 अरब डॉलर ट्रेड का लक्ष्य रखा है।
जयशंकर का समाधान
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की प्राथमिकता टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाओं को खत्म करना है। इससे आयात-निर्यात प्रक्रिया तेज होगी, व्यापारियों का समय और लागत दोनों बचेंगे।