Krishna Janmashtami 2025 Bhog: आज पूरे देशभर में भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मान्यता है कि द्वापर युग में इसी दिन रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इस वर्ष कान्हा का 5252वां जन्मोत्सव श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है।
जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार किया जाता है, झूला सजाया जाता है और रात 12 बजे जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन परंपरागत रूप से 56 भोग अर्पित करने की परंपरा है। लेकिन यदि किसी कारण आप इतने व्यंजन तैयार नहीं कर पा रहे हैं तो चिंता की बात नहीं है। सिर्फ 8 खास भोग लगाकर भी आप 56 भोग का फल पा सकते हैं।
इन 8 चीजों से मिलेगा 56 भोग जैसा पुण्य फल
- धनिया पंजीरी – जन्माष्टमी पूजा का मुख्य प्रसाद, इससे व्रत खोला भी जाता है।
- खीर – चावल, दूध और केसर से बनी खीर भगवान को अतिप्रिय है।
- माखन मिश्री – बाल्यकाल से ही श्रीकृष्ण का सबसे प्रिय भोग।
- मालपुआ – कान्हा का खास पसंदीदा पकवान।
- मीठे फल – केला, सेब, अनार आदि फल अर्पित करने से भी भगवान प्रसन्न होते हैं।
- पंचामृत – दूध, दही, शहद, मिश्री और तुलसी से तैयार पंचामृत।
- मिठाइयां – पेड़ा, लड्डू, बर्फी और कलकंद जैसी मिठाइयां।
- पूरनपोली – दाल और गुड़ से बनी दक्षिण भारत व महाराष्ट्र की खास मिठाई।
यदि आप जन्माष्टमी पर छप्पन भोग अर्पित करने में असमर्थ हैं तो इन 8 चीजों से भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न कर सकते हैं। आस्था और भक्ति भाव से अर्पित किया गया हर भोग श्रीकृष्ण को प्रिय होता है और भक्तों को समृद्धि व सुख-शांति का आशीर्वाद प्रदान करता है।