Cyber Security : साइबर सुरक्षा पर काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी, कुलपति बोले- जागरूकता ही सतर्कता का पहला आधार

Cyber Security : काशी विद्यापीठ में साइबर सुरक्षा एवं पत्रकारिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित हुई। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने डिजिटल ठगी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता को जरूरी बताया।

Cyber Security : साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता ही सतर्कता का पहला आधार : प्रो. आनन्द कुमार त्यागी

Cyber Security : काशी विद्यापीठ में ‘साइबर सुरक्षा एवं पत्रकारिता’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित, डिजिटल ठगी से बचने के लिए विद्यार्थियों को किया जागरूक

Cyber Security : वाराणसी। डिजिटल तकनीक ने जहां बैंकिंग, शिक्षा और संचार की सुविधाओं को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी की चुनौतियां भी तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और सतर्कता समय की सबसे बड़ी जरूरत है। जागरूकता ही सतर्कता का पहला आधार है। यह बातें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने शुक्रवार को महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान एवं पंजाब नेशनल बैंक, अंचल कार्यालय वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कहीं। संगोष्ठी का विषय ‘साइबर सुरक्षा एवं पत्रकारिता’ था।

Cyber Security : कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि तकनीकी विकास ने हमारे सामने दो दुनिया प्रस्तुत की हैं। एक वास्तविक दुनिया है और दूसरी आभासी दुनिया। वर्तमान समय में लोग वास्तविक दुनिया की अपेक्षा आभासी दुनिया में अधिक समय व्यतीत कर रहे हैं, क्योंकि सूचनाओं का विशाल भंडार डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध है। बैंकिंग से जुड़ी लगभग सभी सुविधाएं ऑनलाइन हो गई हैं। ऐसे में डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाने के साथ-साथ साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल अरेस्ट सहित साइबर ठगी के कई नए तरीके सामने आ रहे हैं। जानकारी के अभाव में लोग आसानी से साइबर अपराधियों के जाल में फंस जाते हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर उपलब्ध हमारी व्यक्तिगत जानकारियां भी गलत हाथों में पहुंच सकती हैं। इसलिए डिजिटल पहचान और व्यक्तिगत सूचनाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए।

Cyber Security : कुलपति ने कहा कि हमें हर प्रकार की जानकारी की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि अपने काम से संबंधित सही और उपयोगी जानकारी विषय विशेषज्ञों से प्राप्त करनी चाहिए। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता की शुरुआत अपने घर से करनी चाहिए। आज मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल बैंकिंग सहित अनेक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हमें अपनी आवश्यकता के अनुरूप सही डिजिटल टूल का चयन करने के साथ उसका सुरक्षित उपयोग करना भी सीखना होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा और धन दोनों हमारे जीवन के महत्वपूर्ण आधार हैं। इसलिए इनसे जुड़े डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। वर्तमान समय में दोहरी सुरक्षा रणनीति अपनाने की आवश्यकता है। एक वास्तविक दुनिया की सुरक्षा के लिए और दूसरी आभासी दुनिया की सुरक्षा के लिए। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक एवं सतर्क रहने के साथ परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

Cyber Security : एक करोड़ रुपये तक शिक्षा ऋण उपलब्ध करा रहा पीएनबी

मुख्य वक्ता पंजाब नेशनल बैंक, अंचल कार्यालय वाराणसी के महाप्रबंधक दीपक सिंह ने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए एक करोड़ रुपये तक का एजुकेशन लोन उपलब्ध करा रहा है। बैंक शैक्षणिक संस्थानों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब नेशनल बैंक पारदर्शिता के साथ अपने कार्यों का संचालन कर रहा है। बैंक की अधिकांश सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है।

Cyber Security : ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें : शालिनी कृष्णन

विशिष्ट वक्ता पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य प्रबंधक शालिनी कृष्णन ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और वित्तीय साक्षरता दोनों अत्यंत आवश्यक हैं। निवारक सतर्कता के प्रति प्रशिक्षण हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक की सभी प्रमुख सुविधाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हैं, जिससे बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता और सूचनाओं की सुलभता बढ़ी है। उन्होंने साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति आगाह करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को साइबर खतरों के प्रति सचेत रहना चाहिए। बैंकिंग लेन-देन के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी और पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान अनुरोध पर भरोसा करने से बचना चाहिए। बैंकिंग से जुड़ी किसी भी समस्या या जानकारी के लिए सीधे बैंक की शाखा से संपर्क करना अधिक सुरक्षित है।

Cyber Security : सामूहिक जागरूकता से बनेगा सतर्क समाज

काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने कहा कि जब प्रत्येक व्यक्ति सतर्क होगा, तभी समाज में जागरूकता का वातावरण विकसित हो सकेगा। सतर्कता दुर्घटनाओं और अनहोनी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। कुलानुशासक डॉ. अम्बरीष राय ने कहा कि व्यक्तिगत जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से ही सत्यनिष्ठा का निर्वहन संभव है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्यों में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Cyber Security : कार्यक्रम का स्वागत महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने किया। संचालन सुशांत कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विनोद कुमार सिंह ने किया।

Cyber Security : इस अवसर पर डॉ. दयानन्द, डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह, डॉ. संतोष मिश्र, डॉ. नागेन्द्र पाठक, डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. प्रभा शंकर मिश्र, डॉ. मनोहर लाल, डॉ. मुंकेश शुक्ल, डॉ. अजय वर्मा, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय, गुरु प्रकाश सिंह, गणेश राय, पुलकित जायसवाल, समर, जय कृष्णा, श्रवण, पीयूष, गौरव, शुभम, स्वेच्छा, काजल, मुस्कान, अदिति, दीक्षा, ऋषि, मानवेन्द्र, सौरभ सहित शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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