Varanasi BJP Protest : खड़गे की टिप्पणी पर वाराणसी में भाजपा का प्रदर्शन

Varanasi BJP Protest : वाराणसी में खड़गे की कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में भाजपा ने प्रदर्शन किया। राहुल गांधी और खड़गे के पुतले फूंके तथा कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की।

Varanasi BJP Protest : खड़गे की टिप्पणी पर वाराणसी में भाजपा का प्रदर्शन, राहुल गांधी और खड़गे के पुतले फूंके; सार्वजनिक माफी की मांग

Varanasi BJP Protest : कचहरी स्थित भाजपा जिला मुख्यालय पर युवा, महिला और अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जताया आक्रोश, कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक मर्यादा तोड़ने का आरोप

Varanasi BJP Protest : जगदीश पटेल, रविंद्र जायसवाल और डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ समेत भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को घेरा, सड़क से संसद तक विरोध की चेतावनी

Varanasi BJP Protest : वाराणसी, 26 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में सोमवार को वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कचहरी स्थित भाजपा जिला मुख्यालय पर आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और राहुल गांधी तथा मल्लिकार्जुन खड़गे के पुतले फूंके गए। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से कथित टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि राजनीतिक विरोध की आड़ में व्यक्तिगत टिप्पणी और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Varanasi BJP Protest : भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी जगदीश पटेल की मौजूदगी तथा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में पार्टी के युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुर्दाबाद, राहुल गांधी मुर्दाबाद और मल्लिकार्जुन खड़गे मुर्दाबाद के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए राजनीतिक संवाद की मर्यादा को ठेस पहुंचाना उचित नहीं है।

Varanasi BJP Protest : भाजपा नेताओं ने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और वैचारिक संघर्ष लोकतंत्र का हिस्सा हैं। विपक्ष को सरकार की नीतियों, फैसलों और योजनाओं पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए तथ्यों और तर्कों का सहारा लिया जाना चाहिए। नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की ओर से की जाने वाली कथित अमर्यादित टिप्पणियां राजनीतिक संवाद के स्तर को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में जिम्मेदारी तय करने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

Varanasi BJP Protest : जगदीश पटेल बोले—राजनीतिक विरोध विचारों से हो, अमर्यादित शब्दों से नहीं

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी जगदीश पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक विरोध के नाम पर मर्यादा का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जा सकता। राजनीति में विचारों की लड़ाई विचारों से लड़ी जानी चाहिए। ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए, जिनसे सार्वजनिक संवाद का स्तर नीचे जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं की भाषा उनके संस्कार और राजनीतिक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करती है। जनता जनप्रतिनिधियों से गंभीरता, संयम और जिम्मेदारी की अपेक्षा करती है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से कथित टिप्पणी पर अपना पक्ष स्पष्ट करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।

Varanasi BJP Protest : प्रदीप अग्रहरि ने दी सड़क से संसद तक आंदोलन की चेतावनी

भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा भूलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए। राजनीतिक असहमति के नाम पर व्यक्तिगत टिप्पणियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा कार्यकर्ता इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे। कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ सड़क से संसद तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विमर्श में शालीनता और मर्यादा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है।

Varanasi BJP Protest : रविंद्र जायसवाल बोले—प्रधानमंत्री के सम्मान का सवाल करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा

राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान का प्रश्न करोड़ों देशवासियों की भावनाओं से जुड़ा है। प्रधानमंत्री के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इससे देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद की गरिमा भी जुड़ी होती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री के नेतृत्व, सरकार की नीतियों और फैसलों से असहमति है तो उसे तथ्यों के आधार पर सवाल उठाने चाहिए। अमर्यादित शब्दों के माध्यम से राजनीतिक विमर्श को दूषित करना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही तय करने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

Varanasi BJP Protest : डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कांग्रेस की राजनीति पर उठाए सवाल

आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार को लेकर बार-बार अमर्यादित टिप्पणियां करते हैं। उन्होंने कहा कि कभी प्रधानमंत्री को निशाना बनाया जाता है तो कभी उनकी दिवंगत माता और पिता के संदर्भ में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर राजनीतिक संवाद की सीमाएं लांघने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब विपक्ष के पास विकास, सरकारी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा के लिए ठोस मुद्दे नहीं रह जाते, तब वह व्यक्तिगत आक्षेपों का सहारा लेता है। उन्होंने कहा कि जनता राजनीतिक दलों के आचरण पर नजर रखती है और समय आने पर अपना जवाब देती है।

Varanasi BJP Protest : महापौर अशोक तिवारी बोले—भाषा से होती है राजनीतिक संस्कारों की पहचान

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा राजनीतिक संस्कारों की पहचान होती है। प्रधानमंत्री का पद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण संस्थागत पद है। इससे जुड़े संवाद में गरिमा और मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए, जिससे स्वस्थ बहस की परंपरा मजबूत हो। व्यक्तिगत टिप्पणियों और कटुता को बढ़ावा देने के बजाय जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए।

Varanasi BJP Protest : विधायकों ने भी कांग्रेस नेतृत्व से मांगा जवाब

विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में नीतियों पर बहस होनी चाहिए, लेकिन शब्दों के जरिए राजनीतिक विमर्श का स्तर नहीं गिराया जाना चाहिए। राजनीतिक मुकाबले का मजबूत आधार तथ्य, तर्क और जनहित के मुद्दे हैं। सरकार के फैसलों से असहमति होने पर उसे सदन, सार्वजनिक मंचों और जनसंवाद के माध्यम से उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमर्यादित भाषा न तो तर्कों को मजबूत करती है और न ही जनता के बीच किसी राजनीतिक दल की विश्वसनीयता बढ़ाती है।

विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित अमर्यादित बयान के मामले में कांग्रेस नेतृत्व अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। उन्होंने टिप्पणी पर स्पष्टीकरण और सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयान केवल सुर्खियां बटोरने का माध्यम नहीं होने चाहिए। जनप्रतिनिधियों की भाषा में गंभीरता, संयम और जवाबदेही दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मजबूत विपक्ष की पहचान तथ्यपरक आलोचना से होती है, न कि विवादित शब्दों से।

Varanasi BJP Protest : बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद

प्रदर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी जगदीश पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और पूर्व महापौर रामगोपाल मोहले प्रमुख रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा क्षेत्र उपाध्यक्ष नवरतन राठी, अमित राय, अनूप जायसवाल, जगदीश त्रिपाठी, शैलेश राम, रजनीश कनौजिया, मधुकर चित्रांश, नवीन कपूर, पूजा दीक्षित, शैलेंद्र मिश्रा, अशोक जाटव, राहुल सिंह, चंद्रशेखर उपाध्याय, जगन्नाथ ओझा, प्रज्ञा पाण्डेय, प्रमिल पाण्डेय, सत्येंद्र सिंह, नेहा कक्कड़, शोभनाथ मौर्य, मनोज सोनकर, विवेक पाण्डेय, राकेश जायसवाल, सपना सिंह, योगेश सिंह ‘पिंकू’, साधना वेदांती, विभव सिंह, अनुराग शर्मा, मधुप सिंह और हीरा यादव समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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