Mushtaq Khan Death: वेलकम’ में बल्लू का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए अभिनेता मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन हो गया। वे करीब पांच वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे।
Mushtaq Khan Death: नहीं रहे ‘वेलकम’ के बल्लू यानी अभिनेता मुश्ताक खान, 56 साल की उम्र में निधन, 5 साल से कैंसर से थे पीड़ित
Mushtaq Khan Death: मुंबई। हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय चरित्र अभिनेता मुश्ताक खान का 56 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। ‘वेलकम’, ‘आशिकी’, ‘हम हैं राही प्यार के’, ‘हेरा फेरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’ और ‘स्त्री’ जैसी फिल्मों में अपने यादगार किरदारों से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने वाले अभिनेता ने 24 सितंबर को मुंबई के नानावती अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे पिछले करीब 15 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे।
मुश्ताक खान पिछले करीब पांच वर्षों से कैंसर से जूझ रहे थे। जानकारी के मुताबिक, इलाज के बाद उनकी तबीयत में कुछ सुधार आया था, लेकिन हाल के दिनों में बीमारी दोबारा उभरने के बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति में उन्हें मुंबई के नानावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
Mushtaq Khan Death: अभिनेता के बिजनेस पार्टनर शिवम ने आजतक से बातचीत में उनके निधन की पुष्टि की। बताया गया है कि मुश्ताक खान को 25 सितंबर को मुंबई में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद परिवार, दोस्तों और फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है।
Mushtaq Khan Death: थिएटर से शुरू हुआ था अभिनय का सफर
मुश्ताक खान का जन्म मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्बे में हुआ था। अभिनय के प्रति उनका रुझान शुरुआती दौर से ही था और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की। रंगमंच पर अभिनय का अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों का रुख किया।
बताया जाता है कि ‘थोड़ी सी बेवफाई’ और ‘अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है’ जैसी फिल्मों से उन्होंने हिंदी सिनेमा में अपनी शुरुआती पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने लगातार अलग-अलग तरह के किरदार निभाए और करीब चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 250 से अधिक फिल्मों में काम किया। फिल्मों के साथ-साथ मुश्ताक खान टेलीविजन की दुनिया में भी सक्रिय रहे। उन्होंने ‘अदालत’, ‘चाचा चौधरी’, ‘टेढ़े-मेढ़े सपने’ और ‘कुछ रंग प्यार के ऐसे भी’ जैसे टीवी धारावाहिकों में भी अभिनय किया।
Mushtaq Khan Death: ‘वेलकम’ के बल्लू ने दिलाई खास पहचान
मुश्ताक खान के करियर के सबसे चर्चित किरदारों में ‘वेलकम’ का बल्लू प्रमुख रहा। वर्ष 2007 में रिलीज हुई इस फिल्म में उन्होंने अनिल कपूर के किरदार मजनू भाई के साथी बल्लू की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनके संवाद बोलने का अंदाज, हाव-भाव और कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब पसंद आई। सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद उनका किरदार फिल्म के यादगार पात्रों में शामिल हो गया। यही वजह है कि आज भी बड़ी संख्या में दर्शक उन्हें ‘वेलकम’ के बल्लू के नाम से याद करते हैं।
Mushtaq Khan Death: ‘आशिकी’ में रफू मास्टर का किरदार भी रहा चर्चित
मुश्ताक खान ने वर्ष 1990 में रिलीज हुई ‘आशिकी’ में रफू मास्टर का किरदार निभाया था। फिल्म की लोकप्रियता के साथ उनके किरदार को भी दर्शकों ने पसंद किया।
इसके अलावा ‘हम हैं राही प्यार के’ में दक्षिण भारतीय लहजे वाले भगवती प्रसाद मिश्रा के किरदार में भी उन्होंने अपनी कॉमिक प्रतिभा का परिचय दिया। उनके अभिनय की खासियत यह रही कि छोटे किरदारों में भी वे अपनी अलग छाप छोड़ने में सफल रहे।
Mushtaq Khan Death: 250 से ज्यादा फिल्मों में किया काम
मुश्ताक खान का फिल्मी करियर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने मुख्य भूमिकाओं के अलावा सपोर्टिंग और चरित्र भूमिकाओं में भी लगातार काम किया।
उनकी चर्चित फिल्मों में ‘सड़क’, ‘साथी’, ‘क्रांतिवीर’, ‘राजा’, ‘मेजर साब’, ‘मन’, ‘दिल है कि मानता नहीं’, ‘हेरा फेरी’, ‘मुझसे शादी करोगी’, ‘गदर: एक प्रेम कथा’, ‘जोड़ी नंबर 1’, ‘राउडी राठौर’, ‘वेलकम बैक’ जैसी फिल्में शामिल हैं। ‘मुझसे शादी करोगी’ में चुटकी बाबा, ‘गदर: एक प्रेम कथा’ में गुल खान और ‘दिल है कि मानता नहीं’ में बस कंडक्टर जैसे किरदारों में भी उन्होंने दर्शकों का मनोरंजन किया।
Mushtaq Khan Death: ‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ में भी आए नजर
मुश्ताक खान ने अपने करियर के आखिरी दौर में भी फिल्मों में काम करना जारी रखा। ‘स्त्री’ और ‘स्त्री 2’ जैसी फिल्मों में उनकी मौजूदगी ने दर्शकों को उनके अभिनय की याद फिर दिलाई।
उनकी खासियत यह थी कि वे फिल्म में चाहे कुछ ही दृश्यों के लिए दिखाई दें, लेकिन अपने संवाद और अभिनय शैली से किरदार को यादगार बना देते थे।
Mushtaq Khan Death: फिल्म इंडस्ट्री में शोक
मुश्ताक खान के निधन से हिंदी फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जिसने चार दशक से ज्यादा समय तक अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने फिल्मों में नायक या मुख्य किरदार के बजाय अक्सर सहायक और चरित्र भूमिकाएं निभाईं, लेकिन उनकी संवाद अदायगी और कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। ‘वेलकम’ के बल्लू से लेकर ‘आशिकी’ के रफू मास्टर तक, उनके कई किरदार दर्शकों की स्मृतियों में बने हुए हैं। उनके निधन की खबर से उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत में शोक की लहर है।