Rahul Gandhi Vote Chori आरोप: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, चुनाव आयोग में मतभेद पर घमासान

Rahul Gandhi Vote Chori : राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ और चुनावी हेराफेरी का आरोप लगाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। जानें चुनाव आयोग में मतभेद, SIR विवाद और राहुल गांधी के 10 प्रमुख आरोप।

Rahul Gandhi Vote Chori : ‘वोट चोरी’ से लेकर चुनावी हेराफेरी तक… राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर लगाए गंभीर आरोप

Rahul Gandhi Vote Chori : नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार, 24 सितंबर को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने चुनावों में कथित ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

Rahul Gandhi Vote Chori : राहुल गांधी ने दावा किया कि वह वर्ष 2023 से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े सवाल उठाते रहे हैं और उनके पास कथित ‘वोट चोरी’ से संबंधित पर्याप्त सबूत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी इस कथित प्रक्रिया में शामिल होने के आरोप लगाए। हालांकि, ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

Rahul Gandhi Vote Chori : राहुल गांधी ने क्या कहा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने चुनाव में मतदाता के अधिकार को लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद बताया। उनका तर्क था कि यदि मतदाता के वोट की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं तो उससे चुनी गई सरकार, उसके द्वारा बनाए गए कानूनों और संवैधानिक संस्थाओं की वैधता को लेकर भी प्रश्न उठते हैं।

उन्होंने ‘वोट चोरी’ के साथ-साथ ‘कानून चोरी’ और ‘संस्था चोरी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।

Rahul Gandhi Vote Chori : CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों के बीच CEC को इन आरोपों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ज्ञानेश कुमार के पास इस पूरे मामले को स्पष्ट करने और कथित अनियमितताओं पर जानकारी सामने रखने का अवसर है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने CEC से इस्तीफा देने के साथ कथित चुनावी अनियमितताओं के संबंध में सच्चाई सामने लाने की अपील भी की।

Rahul Gandhi Vote Chori : चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद

राहुल गांधी के आरोप ऐसे समय सामने आए हैं जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक विस्तृत रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के भीतर दो चुनाव आयुक्तों और CEC के बीच मतभेदों का दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की। इन आपत्तियों का संबंध मतदाता सूची, नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम हटाने और मतदाता डेटा तक पहुंच जैसी प्रक्रियाओं से बताया गया है।

Rahul Gandhi Vote Chori आरोप: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, चुनाव आयोग में मतभेद पर घमासान

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने मतदाता डेटा के कथित केंद्रीकरण और कुछ तकनीकी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए। हालांकि, इन आंतरिक आपत्तियों को अपने आप में चुनावी ‘वोट चोरी’ का प्रमाण नहीं माना जा सकता; यह अलग मुद्दा है कि आयोग की आंतरिक प्रक्रियाओं को लेकर क्या आपत्तियां दर्ज की गईं।

Rahul Gandhi Vote Chori : राहुल गांधी के 10 प्रमुख आरोप और सवाल

1. चुनावी हेराफेरी का आरोप:
राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कथित तौर पर हेराफेरी की गई और मतदाताओं के वोट प्रभावित किए गए।

2. ‘वोट चोरी’ के सबूत होने का दावा:
उन्होंने कहा कि उनके पास कथित वोट चोरी से संबंधित पर्याप्त सबूत हैं और वह वर्ष 2023 से इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं।

3. CEC के इस्तीफे की मांग:
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

4. दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का हवाला:
उन्होंने सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कथित आपत्तियों का उल्लेख किया। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार दोनों ने 10 महीने में कम से कम 14 बार कुछ प्रक्रियाओं और फैसलों पर आपत्ति दर्ज की थी।

5. वोट और सरकार की वैधता पर सवाल:
राहुल गांधी ने कहा कि अगर किसी मतदाता का वोट ही खत्म कर दिया जाए या उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो जाए तो उस वोट से चुनी गई सरकार और उसके द्वारा बनाए गए कानूनों की वैधता पर भी प्रश्न उठेंगे।

6. CEC को कानूनी संरक्षण देने का आरोप:
उन्होंने केंद्र सरकार पर CEC ज्ञानेश कुमार को कानूनी संरक्षण देने का आरोप लगाया और इस व्यवस्था पर सवाल उठाए।

7. PM मोदी और अमित शाह पर आरोप:
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को कथित ‘वोट चोरी’ की साजिश से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए। ये उनके आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

8. संवैधानिक संस्थाओं पर RSS के प्रभाव का आरोप:
उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संवैधानिक संस्थाओं पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का प्रभाव बढ़ रहा है।

9. चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल:
राहुल गांधी ने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में कथित हेराफेरी होती है तो चुनाव का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे को गंभीरता से समझने की अपील की।

10. BJP की लगातार चुनावी जीत पर सवाल:
उन्होंने सवाल उठाया कि सामान्य तौर पर सरकारों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी देखी जाती है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के मामले में ऐसा प्रभाव क्यों नहीं दिखाई देता। उन्होंने भाजपा के लगातार चुनाव जीतने पर भी सवाल उठाया।

Rahul Gandhi Vote Chori : SIR को लेकर पहले से चल रहा विवाद

इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का Special Intensive Revision (SIR) भी है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, निर्वाचन आयोग की इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और डेटा प्रबंधन से संबंधित कई मुद्दों पर चुनाव आयुक्तों ने आपत्तियां दर्ज कीं।

पश्चिम बंगाल में भी SIR के तहत हटाए गए मतदाताओं को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 27.16 लाख हटाए गए मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक ने नाम बहाल कराने के लिए अपील की है। कुल मिलाकर 38.31 लाख अपीलें दाखिल होने की जानकारी निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को दी है। हालांकि, इन आंकड़ों और प्रक्रियात्मक विवादों को राहुल गांधी द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ के व्यापक आरोप से सीधे जोड़ने के लिए स्वतंत्र और ठोस प्रमाण आवश्यक होंगे।

Rahul Gandhi Vote Chori : चुनाव आयोग की ओर से क्या कहा गया?

रिपोर्टों के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने चुनाव आयुक्तों के बीच लिखित टिप्पणियों और सवाल-जवाब को आंतरिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। आयोग का कहना है कि लिखित नोट, तकनीकी इनपुट और आंतरिक समीक्षा चुनावी प्रक्रिया में कानूनी अनुपालन और मतदाताओं के अधिकारों की जांच के सामान्य माध्यम हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने यह भी कहा कि SIR सहित उसके फैसलों को कानूनी आधार प्राप्त है और आयोग के अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

Rahul Gandhi Vote Chori : राजनीतिक विवाद और तेज होने के संकेत

राहुल गांधी के ताजा हमले के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। कांग्रेस और विपक्षी दल जहां आयोग की पारदर्शिता तथा मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं निर्वाचन आयोग अपने फैसलों को कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया बता रहा है। इस विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि चुनाव आयुक्तों द्वारा किसी प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज करना और चुनाव में ‘वोट चोरी’ साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। आंतरिक असहमति से संबंधित रिपोर्टों और राहुल गांधी के राजनीतिक आरोपों का अंतिम निष्कर्ष स्वतंत्र जांच, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित संस्थाओं के आधिकारिक जवाबों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

फिलहाल राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

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