Xi Jinping India Visit : शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे, PM मोदी से होगी अहम मुलाकात, जानें क्यों खास है दौरा

Xi Jinping India Visit : शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान PM मोदी से उनकी अहम मुलाकात होगी। सीमा विवाद, द्विपक्षीय संबंध और उड़ान सेवा बहाली पर दुनिया की नजर है।

Xi Jinping India Visit : शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे, PM मोदी से होगी अहम मुलाकात; सीमा विवाद के बीच रिश्तों पर दुनिया की नजर

Xi Jinping India Visit : नई दिल्ली। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को भारत पहुंच गए। वह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत दौरे पर आए हैं। करीब सात साल बाद हो रही उनकी भारत यात्रा को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच ब्रिक्स सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय वार्ता होने की भी संभावना है।

Xi Jinping India Visit : शी जिनपिंग की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पूर्वी लद्दाख में वर्ष 2020 के सैन्य तनाव के बाद भारत और चीन के संबंधों में लंबे समय तक तनाव बना रहा। सीमा पर स्थिति को सामान्य बनाने की कोशिशों के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर है।

Xi Jinping India Visit : 2019 के बाद पहली बार भारत आए शी जिनपिंग

शी जिनपिंग वर्ष 2019 में चेन्नई के पास मामल्लापुरम में आयोजित अनौपचारिक भारत-चीन शिखर बैठक में शामिल हुए थे। इसके बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। ऐसे में उनकी मौजूदा यात्रा को दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद की बहाली के लिहाज से अहम माना जा रहा है। चीनी राष्ट्रपति के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। इसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य और केंद्रीय समिति के जनरल ऑफिस के निदेशक काई ची तथा चीन के विदेश मंत्री और पोलित ब्यूरो सदस्य वांग यी भी शामिल हैं।

Xi Jinping India Visit : सीमा विवाद के बीच रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश

भारत और चीन के रिश्तों में वर्ष 2020 के पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद के बाद गंभीर तनाव पैदा हुआ था। सीमा पर लंबे समय तक चले सैन्य गतिरोध का असर दोनों देशों के राजनीतिक और आर्थिक संबंधों पर भी पड़ा।

हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिशें तेज हुई हैं। इसी क्रम में 25 अगस्त को बीजिंग में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की 25वें दौर की वार्ता हुई थी। बताया गया कि बैठक में सीमा प्रबंधन और सीमांकन से जुड़े मुद्दों पर आगे बढ़ने को लेकर आठ सूत्री सहमति बनी। ऐसे में मोदी-शी वार्ता में सीमा मुद्दा प्रमुख विषयों में शामिल रह सकता है।

Xi Jinping India Visit : चीन ने संवाद और सहयोग बढ़ाने के दिए संकेत

शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले चीन की ओर से भी संबंधों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि कजान और तियानजिन में हुई बैठकों के बाद यह लगातार तीसरा वर्ष है जब दोनों देशों के नेता आमने-सामने मिल रहे हैं।

माओ निंग ने कहा कि चीन दोनों शीर्ष नेताओं के रणनीतिक मार्गदर्शन के आधार पर भारत के साथ काम करने को तैयार है। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को दीर्घकालिक नजरिए से देखने, संवाद बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने और मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाने की इच्छा भी जताई।

Xi Jinping India Visit : भारत-चीन के बीच फिर शुरू होगी उड़ान सेवा

शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क बहाल होने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम सामने आया है। चाइना सदर्न एयरलाइंस ने घोषणा की है कि वह 21 सितंबर से ग्वांगझू-नई दिल्ली मार्ग पर नियमित यात्री उड़ान सेवा फिर शुरू करेगी। करीब छह साल से बंद इस हवाई सेवा की बहाली को भारत और चीन के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और लोगों की आवाजाही को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एयरलाइन के मुताबिक, सेवा बहाल होने के बाद दक्षिण एशिया में उसके आठ राउंड-ट्रिप मार्गों पर हर सप्ताह 100 से अधिक उड़ानों का संचालन होगा।

Xi Jinping India Visit : व्यापार और आर्थिक रिश्तों पर भी हो सकती है चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की संभावित द्विपक्षीय वार्ता केवल सीमा विवाद तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला, प्रत्यक्ष संपर्क और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं। भारत और चीन एशिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। ऐसे में दोनों देशों के संबंधों में स्थिरता का असर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर भी पड़ता है।

Xi Jinping India Visit : दुनिया की नजर मोदी-शी मुलाकात पर

शी जिनपिंग की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक स्तर पर ब्रिक्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भारत में आयोजित शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की मौजूदगी को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता के साथ-साथ चीन के साथ आर्थिक एवं कूटनीतिक संबंधों को संतुलित करना महत्वपूर्ण है। वहीं चीन भी भारत के साथ संवाद और सहयोग बढ़ाने के संकेत दे रहा है। ऐसे में मोदी और शी की मुलाकात से दोनों देशों के रिश्तों की आगे की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *