Teachers’ Day 2026: PM मोदी का शिक्षकों को संदेश, किताबों-सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी से जुड़ें

Teachers’ Day 2026 पर PM मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा पहचानने, स्क्रीन टाइम घटाने, खेल और क्रिएटिविटी बढ़ाने तथा किताबों-सिलेबस से आगे जाकर बच्चों के जीवन से जुड़ने की अपील की।

Teachers’ Day 2026: PM मोदी ने शिक्षकों से की बातचीत, बोले- किताबों और सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी में उतरना होगा

Teachers’ Day 2026: नई दिल्ली। शिक्षक दिवस 2026 के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा की बदलती जरूरतों, बच्चों की प्रतिभा पहचानने, बढ़ते स्क्रीन टाइम, खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि उनकी भूमिका केवल किताबों और सिलेबस तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें बच्चों की जिंदगी, उनकी रुचियों और उनकी क्षमताओं को समझकर आगे बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। प्रधानमंत्री का यह संवाद ऐसे समय हुआ है जब शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 48 स्कूली शिक्षकों तथा उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षकों/फैकल्टी सदस्यों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किए।

Teachers’ Day 2026: हर बच्चे के अंदर छिपी होती है कोई न कोई खास प्रतिभा

शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हर बच्चा अलग होता है और हर बच्चे के अंदर कोई न कोई विशेष क्षमता मौजूद होती है। जरूरी नहीं कि कोई बच्चा पढ़ाई में सबसे आगे हो, लेकिन उसके अंदर किसी दूसरे क्षेत्र में असाधारण प्रतिभा हो सकती है। प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से यह समझने की कोशिश करने को कहा कि वे अपने विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को किस तरह पहचानते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षक का काम केवल परीक्षा के लिए बच्चों को तैयार करना नहीं, बल्कि उनकी क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा देना भी है। शिक्षकों ने भी बताया कि प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी अलग खूबी, रुचि और चुनौती होती है। ऐसे में कक्षा में पढ़ाने के साथ-साथ बच्चों की व्यक्तिगत क्षमताओं को समझना और उन्हें अवसर देना बेहद जरूरी है।

Teachers’ Day 2026: किताबों से आगे बढ़कर बच्चों की जिंदगी से जुड़ना जरूरी

पीएम मोदी ने शिक्षकों से कहा कि अब शिक्षा जगत को किताबों और सिलेबस से बाहर निकलकर बच्चों की जिंदगी में उतरना होगा। उनके मुताबिक बच्चों का विकास केवल पाठ्यक्रम पूरा करने या अच्छे अंक हासिल करने से नहीं होता। बच्चों की जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति, रचनात्मकता, व्यवहार, आत्मविश्वास और सामाजिक समझ को भी विकसित करना जरूरी है। शिक्षक अगर बच्चों की वास्तविक जिंदगी और उनकी रुचियों को शिक्षा से जोड़ेंगे तो सीखने की प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी और आनंददायक बन सकती है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि बच्चों के भीतर सवाल पूछने और नई चीजें सीखने की इच्छा को दबाने के बजाय उसे प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

Teachers’ Day 2026: ‘बचपन मरने नहीं देना चाहिए’

संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों के बचपन को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि “बचपन मरने नहीं देना चाहिए।” पीएम मोदी के मुताबिक, बच्चों का बचपन केवल खेल और मनोरंजन का विषय नहीं है, बल्कि यही समय उनके व्यक्तित्व, कल्पनाशक्ति और सीखने की क्षमता को विकसित करने का आधार बनता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के भीतर सहजता, उत्सुकता और रचनात्मकता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए शिक्षक को स्वयं भी बच्चों के साथ सहजता और संवेदनशीलता से जुड़ना होगा।

Teachers’ Day 2026: बच्चों में बढ़ता स्क्रीन टाइम चिंता का विषय

प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम को भी गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि मोबाइल, इंटरनेट और अन्य डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक इस्तेमाल बच्चों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों को सुझाव दिया कि वे बच्चों को मैदान में खेलने, खेलकूद और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रेरित करें। पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों को धीरे-धीरे स्क्रीन से बाहर निकालकर वास्तविक दुनिया की गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से अभिभावकों के साथ भी इस विषय पर संवाद करने का सुझाव दिया, ताकि बच्चों के डिजिटल इस्तेमाल और दिनचर्या को लेकर घर और स्कूल दोनों स्तरों पर जागरूकता पैदा की जा सके।

Teachers’ Day 2026: खेल और क्रिएटिविटी को मिले बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों को केवल पढ़ाई में व्यस्त रखने के बजाय उनकी रुचि के अनुसार रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना चाहिए। स्कूलों में कला, खेल, प्रयोग, प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियां और अन्य रचनात्मक कार्य बच्चों के लिए सीखने का माध्यम बन सकते हैं। इससे बच्चों में टीमवर्क, आत्मविश्वास, समस्या समाधान और नेतृत्व जैसी क्षमताएं भी विकसित होती हैं। पीएम मोदी ने शिक्षकों को ऐसी गतिविधियां विकसित करने का सुझाव दिया, जो धीरे-धीरे बच्चों की रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बन जाएं।

Teachers’ Day 2026: ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता पर भी हुई चर्चा

शिक्षकों से संवाद के दौरान महिला स्वास्थ्य और ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता का मुद्दा भी सामने आया। एक शिक्षिका ने अपने शोध और सामाजिक कार्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आज भी कई महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर जैसे विषयों पर खुलकर बात करने में झिझकती हैं। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास महिलाओं को शुरुआती स्तर पर जागरूक करना है, ताकि जरूरत महसूस होने पर वे समय रहते चिकित्सकीय सलाह ले सकें। इस दौरान पीएम मोदी ने काशी से जुड़े अपने अनुभव का उल्लेख किया। उन्होंने वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं का खुद आगे आकर जांच कराना सकारात्मक बदलाव है।

Teachers’ Day 2026: काशी में बना ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग का रिकॉर्ड

वाराणसी में 9 मार्च 2026 को एक ही स्थान पर 24 घंटे में 5,005 AI आधारित ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हुआ। Guinness World Records के मुताबिक यह रिकॉर्ड iTV Foundation ने वाराणसी में बनाया। यह पहल AI आधारित तकनीक और मोबाइल हेल्थ नेटवर्क के माध्यम से महिलाओं तक स्क्रीनिंग सुविधा पहुंचाने से जुड़ी थी। इससे ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती पहचान और जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

Teachers’ Day 2026: शिक्षक सिर्फ पढ़ाने वाले नहीं, भविष्य गढ़ने वाले हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके मुताबिक शिक्षक बच्चों को केवल विषय का ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और सोच को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के साथ संवाद बढ़ाने, उनकी समस्याओं को समझने और उनकी प्रतिभा को उचित मंच देने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए उनके योगदान की सराहना की और कहा कि देश के शिक्षक नई पीढ़ी को दिशा देने के साथ भारत के भविष्य को आकार देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

Teachers’ Day 2026: इस साल कितने शिक्षकों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार?

शिक्षक दिवस 2026 पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत स्कूली शिक्षा क्षेत्र के 48 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलिटेक्निक से जुड़े 21 शिक्षकों/फैकल्टी सदस्यों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए गए। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार इन पुरस्कारों का उद्देश्य उन शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करना है, जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ विद्यार्थियों के जीवन को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।

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