Ganga Aarti Varanasi : वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती का स्थल 15 फीट पीछे किया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जरूरत के अनुसार आरती स्थल और पीछे किया जाएगा।
Ganga Aarti Varanasi : वाराणसी। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर का असर अब काशी के धार्मिक आयोजनों पर भी दिखाई देने लगा है। वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मां गंगा की दैनिक आरती के स्थल को जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए करीब 15 फीट पीछे कर दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गंगा सेवा निधि ने यह निर्णय लिया है।
Ganga Aarti Varanasi : दशाश्वमेध घाट पर प्रतिदिन होने वाली गंगा आरती काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इस भव्य आरती को देखने के लिए पहुंचते हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाट के निचले हिस्से में पानी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आरती स्थल को सुरक्षित स्थान पर पीछे किया गया है।
Ganga Aarti Varanasi : जलस्तर बढ़ने के साथ बदलता रहेगा आरती स्थल
गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत ने बताया कि गंगा के जलस्तर में जिस तरह लगातार वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए आरती स्थल की स्थिति में आवश्यकता के अनुसार बदलाव किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल आरती स्थल को करीब 15 फीट पीछे किया गया है। यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ता है तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरती स्थल को और पीछे किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरती स्थल में बदलाव का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। मां गंगा की दैनिक आरती की धार्मिक परंपरा और आयोजन की भव्यता में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
Ganga Aarti Varanasi : नए स्थान से श्रद्धालुओं ने किए मां गंगा के दर्शन
आरती स्थल बदले जाने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दशाश्वमेध घाट पहुंचे और निर्धारित नए स्थान से ही मां गंगा की दैनिक आरती में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मां गंगा की पूजा-अर्चना की और आरती के दर्शन किए। दशाश्वमेध घाट पर आरती के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जयकारे लगाए और आरती में भाग लिया। जलस्तर बढ़ने के बावजूद आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।
Ganga Aarti Varanasi : श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
गंगा सेवा निधि की ओर से आरती स्थल को पीछे करने का मुख्य कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा बताया गया है। बारिश के मौसम में गंगा के जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना बनी रहती है। ऐसे में घाट के निचले हिस्से में श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित करना और सुरक्षित स्थान पर धार्मिक आयोजन कराना जरूरी हो जाता है।
Ganga Aarti Varanasi : आरती स्थल को जलस्तर के अनुसार आगे या पीछे करने की व्यवस्था पहले से ही की जाती रही है। गंगा का पानी बढ़ने पर आरती स्थल को घाट के अपेक्षाकृत ऊंचे हिस्से की ओर स्थानांतरित किया जाता है, ताकि आयोजन भी जारी रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी या खतरा न हो।
Ganga Aarti Varanasi : काशी की आस्था पर नहीं पड़ा कोई असर
दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती काशी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। आरती स्थल में अस्थायी बदलाव के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। श्रद्धालुओं ने नए स्थान से मां गंगा की आरती के दर्शन किए और धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता की।
Ganga Aarti Varanasi : गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बीच प्रशासन और आयोजन संस्था की ओर से सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले दिनों में यदि जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है तो आरती स्थल को आवश्यकता के अनुसार फिर से पीछे किया जा सकता है।