Banaras Miniature Painting Workshop : वाराणसी में बनारस मिनिएचर पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन, विद्यार्थियों ने सीखी विलुप्त होती पारंपरिक कला

Banaras Miniature Painting Workshop : वाराणसी के लिटिल फ्लावर हाउस, नगवा में इंटैक वाराणसी चैप्टर एवं इंटैक दिल्ली के सहयोग से बनारस मिनिएचर पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने पारंपरिक चित्रकला की बारीकियां सीखीं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश प्राप्त किया।

Banaras Miniature Painting Workshop : वाराणसी। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंटैक (INTACH) वाराणसी चैप्टर एवं लिटिल फ्लावर हाउस, नगवा के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को बनारस मिनिएचर पेंटिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला एचईसीएस (HECS) डिवीजन, इंटैक दिल्ली के सहयोग से आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर बनारस की ऐतिहासिक चित्रकला शैली को न केवल जाना बल्कि स्वयं उसे बनाने का व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त किया।

Banaras Miniature Painting Workshop : विद्यार्थियों को बताया कार्यशाला का उद्देश्य

कार्यक्रम का शुभारंभ इंटैक वाराणसी चैप्टर के संयोजक अशोक कपूर के संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यशाला के उद्देश्य, वाराणसी की समृद्ध कलात्मक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा पारंपरिक भारतीय कला के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन कला परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं और नई पीढ़ी को इनसे जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

Banaras Miniature Painting Workshop : क्या है बनारस मिनिएचर पेंटिंग?

बनारस मिनिएचर पेंटिंग वाराणसी की एक विशिष्ट एवं प्राचीन चित्रकला शैली है, जो अपनी अत्यंत बारीक रेखांकन, सूक्ष्म रंग संयोजन और उत्कृष्ट शिल्पकला के लिए विश्वभर में पहचान रखती है। इस कला में काशी के घाट, मंदिर, गंगा तट, धार्मिक अनुष्ठान, पौराणिक कथाएं और भारतीय संस्कृति के विविध स्वरूपों को अत्यंत आकर्षक ढंग से चित्रित किया जाता है। हालांकि आधुनिक दौर में यह कला धीरे-धीरे विलुप्ति की ओर बढ़ रही है और इसे संरक्षित रखने वाले कलाकारों की संख्या भी लगातार कम होती जा रही है। ऐसे में इस प्रकार की कार्यशालाएं पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

Banaras Miniature Painting Workshop : पांचवीं पीढ़ी के कलाकार ने सिखाई चित्रकला की बारीकियां

कार्यशाला का संचालन बनारस मिनिएचर कला के पांचवीं पीढ़ी के प्रतिष्ठित कलाकार श्री दया शंकर ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को इस प्राचीन कला की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, विकास, विशेषताओं और पारंपरिक तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विद्यार्थियों के समक्ष सूक्ष्म रेखांकन, प्राकृतिक रंगों के उपयोग, पारंपरिक ब्रश तकनीक और बारीक चित्रांकन का लाइव प्रदर्शन भी किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने उनके मार्गदर्शन में स्वयं मिनिएचर पेंटिंग तैयार की और इस अनूठी कला शैली का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

Banaras Miniature Painting Workshop : रचनात्मकता के साथ संस्कृति से जुड़ने का अवसर

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए विभिन्न विषयों पर सुंदर मिनिएचर चित्र तैयार किए। इस आयोजन के माध्यम से उन्हें भारतीय कला, संस्कृति और काशी की गौरवशाली परंपराओं को निकट से समझने का अवसर मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना, सौंदर्यबोध, सृजनात्मक सोच और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करती हैं।

Banaras Miniature Painting Workshop : विद्यालय प्रशासन ने जताया आभार

कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की उप निदेशिका एवं इंटैक की कला समन्वयक अदिती गुलाटी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की उप प्रधानाचार्या श्रीमती अनीता अग्रवाल ने इंटैक वाराणसी चैप्टर एवं एचईसीएस डिवीजन, इंटैक दिल्ली का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं बच्चों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस विलुप्त होती कला को सीखें, आगे बढ़ाएं और इसके संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

Banaras Miniature Painting Workshop : सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल

विशेषज्ञों के अनुसार, बनारस मिनिएचर पेंटिंग जैसी पारंपरिक कलाओं का संरक्षण केवल कलाकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज और शैक्षणिक संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यालयों में आयोजित होने वाली ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों में भारतीय विरासत के प्रति सम्मान और जागरूकता विकसित करने के साथ-साथ कला संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को प्रेरित करती हैं।

Banaras Miniature Painting Workshop : इंटैक वाराणसी चैप्टर द्वारा आयोजित यह पहल न केवल बनारस की विलुप्त होती चित्रकला परंपरा को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का भी प्रभावी माध्यम साबित हो रही है।

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