Dharmendra Pradhan Resignation : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर छात्रों ने जीत का जश्न मनाया। सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए दो नई मांगें रखीं और आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
Dharmendra Pradhan Resignation : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जंतर-मंतर में जश्न, अभिजीत दीपके बोले- ‘हमने कर दिखाया’, मंच से रखीं दो नई मांगें
Dharmendra Pradhan Resignation : नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में जश्न का माहौल देखने को मिला। NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया। धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। अपने इस्तीफे में उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य, राष्ट्रीय एकता और मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है।
Dharmendra Pradhan Resignation : इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर मौजूद
प्रदर्शनकारी छात्र खुशी से झूम उठे। नारेबाजी, तिरंगे और पोस्टरों के बीच आंदोलनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत का जश्न मनाया।
Dharmendra Pradhan Resignation : ‘छात्र एकता जिंदाबाद, हम जीत गए’
छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी (CJP) प्रमुख अभिजीत दीपके मंच पर पहुंचे और सबसे पहले नारा लगाया, “छात्र एकता जिंदाबाद, हम जीत गए।” उन्होंने कहा कि यह किसी एक संगठन की नहीं बल्कि पूरे देश के छात्रों की जीत है। दीपके ने कहा कि कई लोगों का मानना था कि सरकार कभी दबाव में नहीं झुकती, लेकिन छात्रों की एकजुटता ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण आंदोलन की ताकत सबसे बड़ी होती है।
Dharmendra Pradhan Resignation : खुद को बताया ‘कॉकरोच’, कहा- आंदोलन अभी जारी रहेगा
अपने संबोधन में अभिजीत दीपके ने खुद को “कॉकरोच” बताते हुए कहा कि कॉकरोच आसानी से खत्म नहीं होते और वे भी इतनी जल्दी मैदान छोड़ने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
Dharmendra Pradhan Resignation : मंच से रखीं दो नई मांगें
जश्न के बीच अभिजीत दीपके ने सरकार के सामने दो नई मांगें भी रखीं—
आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं तथा प्रदर्शन में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
परीक्षा विवाद से जुड़े मामलों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के प्रत्येक परिवार को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इन मांगों पर सरकार ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं होगा।
Dharmendra Pradhan Resignation : इस्तीफे की पृष्ठभूमि
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया था। विपक्षी दल भी लगातार सरकार पर दबाव बना रहे थे। अपने इस्तीफे में प्रधान ने कहा कि छात्रों के भविष्य को किसी भी प्रकार के विवाद से बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।