MGKVP Speech Competition : काशी विद्यापीठ में दीक्षोत्सव के तहत भाषण प्रतियोगिता आयोजित, ‘विकसित भारत 2047’ पर विद्यार्थियों ने रखे विचार

MGKVP Speech Competition : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के इतिहास विभाग द्वारा दीक्षोत्सव समारोह के अंतर्गत बुधवार को ‘विगत एक दशक में भारत की उपलब्धियां: विकसित भारत 2047 की आधारशिला’ विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण, समकालीन भारत की उपलब्धियों तथा विकसित भारत 2047 के संकल्प के प्रति जागरूकता और सकारात्मक सोच विकसित करना था।

MGKVP Speech Competition : कार्यक्रम का शुभारंभ इतिहास विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. आनंद शंकर चौधरी के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, नवाचार और सकारात्मक सोच के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

MGKVP Speech Competition : प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 25 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने भाषणों में भारत की आर्थिक प्रगति, डिजिटल क्रांति, वैज्ञानिक उपलब्धियों, शिक्षा, आधारभूत संरचना, आत्मनिर्भर भारत, सामाजिक विकास तथा वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता का मूल्यांकन दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. नंदिनी सिंह तथा हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. राजमुनि ने किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों के विषय ज्ञान, प्रस्तुतीकरण शैली, भाषा की प्रभावशीलता एवं तर्क क्षमता के आधार पर विजेताओं का चयन किया।

MGKVP Speech Competition : प्रतियोगिता के विजेता

प्रथम स्थान: दिव्य शक्ति (एम.ए. गृह विज्ञान)
द्वितीय स्थान (संयुक्त): सृष्टि दुबे (बी.एससी. द्वितीय सेमेस्टर) एवं रोशन कुमार प्रजापति (एम.ए. तृतीय सेमेस्टर)
तृतीय स्थान: खुशी मिश्रा (बी.ए. पंचम सेमेस्टर)

MGKVP Speech Competition : कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अंजना वर्मा ने किया, जबकि अंत में डॉ. मनोज कुमार सिंह ने सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों एवं उपस्थित अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. रविन्द्र कुमार गौतम, डॉ. सारिका गौतम, डॉ. संदीप कुमार सिंह, डॉ. अंजु सिंह, डॉ. प्रिया श्रीवास्तव, डॉ. प्रियंका सिंह सहित इतिहास विभाग के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। दीक्षोत्सव के अंतर्गत आयोजित इस प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर अपने विचार व्यक्त करने का मंच प्रदान किया। साथ ही, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर युवाओं में जागरूकता और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण साबित हुआ।

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