UP Cab Policy 2026: यूपी में कैब किराए पर लगेगी लगाम, Ola-Uber के लिए नई एग्रीगेटर पॉलिसी तैयार

UP Cab Policy 2026: उत्तर प्रदेश सरकार की नई कैब एग्रीगेटर पॉलिसी तैयार। अब Ola-Uber जैसी कंपनियां मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगी। पीक आवर में किराया 50% तक ही बढ़ेगा, ड्राइवर और यात्रियों के लिए नए नियम, बीमा, लाइसेंस और जुर्माने की पूरी जानकारी पढ़ें।

UP Cab Policy 2026: अब मनमाना किराया नहीं वसूल सकेंगी कैब कंपनियां, ड्राइवर-यात्री दोनों पर लागू होंगे नए नियम

UP Cab Policy 2026: लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन कैब सेवा का उपयोग करने वाले लाखों यात्रियों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने लंबे समय से प्रस्तावित नई एग्रीगेटर (Cab Aggregator) पॉलिसी को अंतिम रूप दे दिया है। परिवहन विभाग ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है और जल्द ही इसे लागू किए जाने की संभावना है।

UP Cab Policy 2026: नई नीति लागू होने के बाद Ola, Uber और अन्य कैब एग्रीगेटर कंपनियां यात्रियों से मनमाने तरीके से किराया नहीं वसूल सकेंगी। सरकार ने किराया निर्धारण, ड्राइवरों की जवाबदेही, यात्रियों की सुरक्षा और कंपनियों की जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट नियम तय किए हैं।

UP Cab Policy 2026: पीक आवर में किराया बढ़ाने की होगी सीमा

नई नीति के अनुसार, व्यस्त समय (Peak Hours) के दौरान कैब कंपनियां सामान्य किराए की तुलना में अधिकतम 50 प्रतिशत तक ही किराया बढ़ा सकेंगी। इससे यात्रियों को सर्ज प्राइसिंग (Surge Pricing) के नाम पर कई गुना अधिक किराया चुकाने से राहत मिलेगी।

UP Cab Policy 2026: बुकिंग कैंसिल करने पर दोनों पक्षों पर कार्रवाई

नई एग्रीगेटर पॉलिसी में ड्राइवर और यात्री दोनों के लिए जवाबदेही तय की गई है। यदि ड्राइवर बुकिंग स्वीकार करने के बाद यात्रा रद्द करता है तो उसे उस ट्रिप के बराबर जुर्माना देना होगा। यदि यात्री बिना उचित कारण के बुकिंग रद्द करता है तो उस पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक बुकिंग रद्द होने की समस्या को कम करना है।

UP Cab Policy 2026: समय पर नहीं पहुंचे ड्राइवर तो लगेगा जुर्माना

पॉलिसी के तहत बुकिंग स्वीकार करने के बाद ड्राइवर को तय समय पर पिकअप लोकेशन पर पहुंचना अनिवार्य होगा। यदि ड्राइवर निर्धारित समय पर नहीं पहुंचता है तो उस पर कम से कम 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

UP Cab Policy 2026: लाइसेंस के बिना नहीं चल सकेंगी कंपनियां

नई नीति लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश में कैब सेवा संचालित करने वाली सभी एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य सरकार से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस किसी भी कंपनी को संचालन की अनुमति नहीं मिलेगी।

UP Cab Policy 2026: नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कंपनी निर्धारित नियमों का उल्लंघन करती है या तय सीमा से अधिक वाहन संचालित करती है तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में कंपनी का लाइसेंस या टेंडर भी रद्द किया जा सकता है।

UP Cab Policy 2026: लाइसेंस शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट

नई नीति के तहत एग्रीगेटर कंपनियों के लिए वित्तीय प्रावधान भी तय किए गए हैं।

लाइसेंस शुल्क – 5 लाख रुपये

लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क – 25 हजार रुपये

अधिकतम 50 लाख रुपये तक सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा।

UP Cab Policy 2026: ड्राइवरों को मिलेगा स्वास्थ्य और जीवन बीमा

सरकार ने ड्राइवरों के हितों को ध्यान में रखते हुए कंपनियों के लिए बीमा सुविधा अनिवार्य की है।

कम से कम 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा

10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस

इससे दुर्घटना या स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में ड्राइवरों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

UP Cab Policy 2026: नशे में ड्यूटी करने पर जीरो टॉलरेंस

नई नीति में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यदि कोई ड्राइवर ड्यूटी के दौरान शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में पाया जाता है तो उसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

UP Cab Policy 2026: परिवहन विभाग ने क्या कहा

परिवहन विभाग के डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (एसटीए) सगीर अहमद अंसारी ने बताया कि एग्रीगेटर पॉलिसी को अंतिम रूप देकर शासन को भेज दिया गया है। इसे जल्द लागू किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि नई नीति में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा, किराया पारदर्शिता और ड्राइवरों के सामाजिक सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखा गया है।

UP Cab Policy 2026: क्या होगा फायदा?

मनमाने किराए पर लगेगी रोक।

सर्ज प्राइसिंग की अधिकतम सीमा तय होगी।

ड्राइवर और यात्री दोनों की जवाबदेही बढ़ेगी।

समय पर कैब उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।

ड्राइवरों को स्वास्थ्य और जीवन बीमा का लाभ मिलेगा।

लाइसेंस व्यवस्था से कैब सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

UP Cab Policy 2026: नई UP Cab Policy 2026 लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन टैक्सी सेवाओं का संचालन अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नियमबद्ध होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को बेहतर सेवा मिलने के साथ-साथ ड्राइवरों के अधिकारों की भी बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *