US-Iran Peace Talk: ट्रंप के बयान से भड़का ईरान, बीच बैठक में बाहर निकला प्रतिनिधिमंडल, फिर ऐसे पटरी पर लौटी बातचीत

US-Iran Peace Talk: स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के पहले दौर में ट्रंप के बयान से तनाव बढ़ गया। ईरानी प्रतिनिधिमंडल बैठक छोड़कर बाहर चला गया, लेकिन बाद में वार्ता फिर शुरू हुई। जानिए क्या रहा पूरा घटनाक्रम।

US-Iran Peace Talk: ट्रंप की चेतावनी से बढ़ा तनाव, बैठक छोड़कर बाहर निकला ईरानी प्रतिनिधिमंडल, फिर बनी सहमति

US-Iran Peace Talk: स्विट्जरलैंड में रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को कम करने के उद्देश्य से हुई शांति वार्ता का पहला दौर नाटकीय घटनाक्रम का गवाह बना। बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने माहौल को गर्मा दिया, जिसके विरोध में ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुछ समय के लिए बैठक छोड़कर बाहर चला गया। हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने बातचीत जारी रखी और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई।

US-Iran Peace Talk:80 मिनट चली पहली बैठक

अमेरिका और ईरान के बीच पहला दौर लगभग 80 मिनट तक चला। इस दौरान युद्धविराम, आर्थिक प्रतिबंधों में राहत, ईरान की विदेशों में फ्रीज की गई संपत्तियों की वापसी और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में आंशिक ढील देने के लिए एक प्रारंभिक ढांचा लगभग तैयार हो चुका है। साथ ही कतर की मध्यस्थता में ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने के विकल्पों पर भी विचार किया गया।

US-Iran Peace Talk: ट्रंप के बयान से भड़का ईरान

बैठक के दौरान तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह लेबनान में अपने सहयोगी संगठनों की गतिविधियों को नियंत्रित करे, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।.ट्रंप के इस बयान को ईरान ने हस्तक्षेप और दबाव की राजनीति बताया। विरोध स्वरूप ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुछ समय के लिए वार्ता कक्ष से बाहर चला गया। ईरानी मीडिया ने इसे ट्रंप की टिप्पणी के खिलाफ कड़ा संदेश बताया।

US-Iran Peace Talk: ईरान ने अमेरिका को दी नसीहत

ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को अपने सार्वजनिक बयानों में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमताएं किसी भी परिस्थिति का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। गालिबाफ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि लेबनान में जारी संघर्ष को रोकने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो अन्य मुद्दों पर आगे बढ़ना मुश्किल हो सकता है।

US-Iran Peace Talk: जेडी वेंस ने संभाला मोर्चा

तनावपूर्ण माहौल को शांत करने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि इतनी संवेदनशील वार्ताओं में मतभेद और तनाव सामान्य बात है। वेंस ने दोनों पक्षों को बातचीत जारी रखने के लिए प्रेरित किया और क्षेत्रीय शांति के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहराई। उनके प्रयासों के बाद दोनों प्रतिनिधिमंडल फिर से बातचीत की मेज पर लौटे और वार्ता आगे बढ़ी।

US-Iran Peace Talk: हाई लेवल कमेटी बनाने पर बनी सहमति

सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों ने भविष्य की वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee) गठित करने पर सहमति जताई है। यह समिति परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा, प्रतिबंधों में राहत और युद्धविराम जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा करेगी।

US-Iran Peace Talk: मध्य पूर्व में शांति की दिशा में अहम कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती तनाव के बावजूद वार्ता का जारी रहना सकारात्मक संकेत है। बीते चार महीनों से जारी क्षेत्रीय तनाव के बीच यह बैठक अमेरिका और ईरान के संबंधों में सुधार तथा मध्य पूर्व में स्थिरता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि आगामी दौर की बातचीत सफल रहती है, तो इससे न केवल अमेरिका-ईरान संबंधों में सुधार आ सकता है, बल्कि लेबनान, खाड़ी क्षेत्र और व्यापक मध्य पूर्व में भी तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ेगी।

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