Women Financial Literacy Program : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन संकाय में महिलाओं की वित्तीय साक्षरता पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें डिजिटल बैंकिंग, निवेश, बचत, कर प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी।

Women Financial Literacy Program : वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन संकाय में शुक्रवार को महिलाओं में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने, डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित उपयोग और निवेश संबंधी जानकारी प्रदान की गई।
Women Financial Literacy Program : कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं संकायाध्यक्ष प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल ने कहा कि वित्तीय साक्षरता आज के समय में महिलाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को धन प्रबंधन, कर प्रबंधन, बजट निर्माण, बचत की आदत, निवेश के विकल्प और डिजिटल बैंकिंग की जानकारी होना जरूरी है। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के साथ-साथ आत्मविश्वास से भी परिपूर्ण होती हैं।

Women Financial Literacy Program : उन्होंने कहा कि वित्तीय ज्ञान महिलाओं को परिवार और समाज में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करता है। आर्थिक रूप से जागरूक महिलाएं न केवल अपने भविष्य को सुरक्षित करती हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाती हैं।
Women Financial Literacy Program : विशिष्ट वक्ता एवं विभागाध्यक्ष प्रो. अजीत कुमार शुक्ल ने डिजिटल साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, ऑनलाइन लेनदेन, शेयर मार्केट और म्युचुअल फंड जैसे वित्तीय माध्यमों का सुरक्षित उपयोग सीखना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि वित्तीय रूप से शिक्षित महिलाएं उद्यमशीलता की दिशा में भी बेहतर कदम उठा सकती हैं और स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने में सक्षम बन सकती हैं।
Women Financial Literacy Program : प्रो. अजीत कुमार शुक्ल ने कहा कि वित्तीय ज्ञान महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाता है, जिससे वे व्यक्तिगत और पारिवारिक आर्थिक निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभाने लगती हैं। उन्होंने महिलाओं को निवेश से पहले जागरूक रहने और डिजिटल लेनदेन में सुरक्षा मानकों का पालन करने की सलाह भी दी।

Women Financial Literacy Program : महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की संयोजक प्रो. निशा सिंह ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित रूप से कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्तर पर महिलाओं को बचत, बीमा और निवेश के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
Women Financial Literacy Program : उन्होंने भारतीय रिज़र्व बैंक और अन्य संस्थाओं द्वारा संचालित ‘डिजिटल सखी’ जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को डिजिटल वित्तीय सेवाओं का प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।
Women Financial Literacy Program : कार्यक्रम का संचालन डॉ. धनंजय विश्वकर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आयुष कुमार ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. रीना शुक्ला, डॉ. दिलीप कुमार सिंह, डॉ. चित्रसेन गौतम सहित संकाय के कई शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।