Air India International Flight Cuts : Air India ने घटाईं इंटरनेशनल उड़ानें- महंगे ATF और एयरस्पेस संकट से जून-जुलाई में बड़ा फैसला

Air India International Flight Cuts : एयर इंडिया ने महंगे एटीएफ, बढ़ती लागत और एयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते जून-जुलाई में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती का फैसला लिया है। जानें पूरी खबर और इसके पीछे की वजहें।

Air India International Flight Cuts : भारत की प्रमुख एयरलाइन Air India ने जून और जुलाई 2026 के दौरान अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती करने का बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय बढ़ती परिचालन लागत, महंगे एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण लगे एयरस्पेस प्रतिबंधों के चलते लिया गया है।

Air India International Flight Cuts : शेड्यूल में कटौती बनी मजबूरी

एयर इंडिया के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को भेजे गए आंतरिक संदेश में बताया कि मौजूदा परिस्थितियों में उड़ानों का शेड्यूल कम करना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अप्रैल और मई में भी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की जा चुकी है, और अब यह कदम आगे बढ़ाया जा रहा है।

Air India International Flight Cuts : ATF की कीमतों ने बढ़ाया संकट

एविएशन इंडस्ट्री में ईंधन की लागत सबसे बड़ा खर्च होता है। आमतौर पर यह कुल लागत का 30-40% हिस्सा होता है, लेकिन हालिया महीनों में यह बढ़कर 55-60% तक पहुंच गया है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे ATF महंगा हो गया और एयरलाइनों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया है।

Air India International Flight Cuts : एयरस्पेस प्रतिबंध से बढ़ी दूरी और खर्च

पश्चिम एशिया के कई देशों में संघर्ष के चलते एयरस्पेस प्रतिबंधित हो गए हैं। इसके कारण एयर इंडिया को अपने कई अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे उड़ानों की अवधि, ईंधन खपत और ऑपरेशनल लागत में भारी वृद्धि हुई है।

Air India International Flight Cuts : घाटे में पहुंचे कई इंटरनेशनल रूट

महंगे ईंधन, कमजोर मुद्रा विनिमय दर और सीमित एयरस्पेस की वजह से कई अंतरराष्ट्रीय रूट अब लाभदायक नहीं रह गए हैं। यही कारण है कि एयरलाइन को अपने नेटवर्क में कटौती करनी पड़ रही है।

Air India International Flight Cuts : एविएशन सेक्टर ‘अत्यधिक दबाव’ में

फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर बताया है कि ATF की कीमतों में तेजी से हुई बढ़ोतरी के कारण पूरा एविएशन सेक्टर “अत्यधिक दबाव” में है। संगठन ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग भी की है।

Air India International Flight Cuts : घरेलू उड़ानों पर भी असर, लेकिन थोड़ी राहत

हालांकि घरेलू उड़ानों की लाभप्रदता पर भी असर पड़ा है, लेकिन सरकारी हस्तक्षेप और कुछ नीतिगत राहत के कारण इसका प्रभाव सीमित रहा है।

Air India International Flight Cuts : कर्मचारियों से सहयोग की अपील

कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों से इस चुनौतीपूर्ण समय में एकजुटता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम एशिया की स्थिति जल्द सामान्य होगी और प्रमुख रूट्स जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोबारा खुलेंगे।

Air India International Flight Cuts : 22,000 करोड़ से ज्यादा नुकसान का अनुमान

एयर इंडिया समूह को वित्त वर्ष 2025-26 में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। साथ ही, विल्सन ने संकेत दिए हैं कि वे इस साल के अंत तक पद छोड़ सकते हैं।

Air India International Flight Cuts : एयर इंडिया का यह फैसला केवल एक एयरलाइन का ऑपरेशनल बदलाव नहीं, बल्कि पूरे एविएशन सेक्टर पर बढ़ते दबाव का संकेत है। अगर ईंधन की कीमतें और भू-राजनीतिक स्थिति जल्द नहीं सुधरती, तो आने वाले समय में और भी एयरलाइनों को इसी तरह के कदम उठाने पड़ सकते हैं।

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