Nari Shakti Amendment Bill : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति संशोधन विधेयक पर बड़ा बयान देते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। जानें महिला आरक्षण बिल की खास बातें, विवाद और पूरी राजनीतिक कहानी।

Nari Shakti Amendment Bill : नई दिल्ली, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 18 अप्रैल 2026 को देश के नाम संबोधन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संशोधन विधेयक को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े इस महत्वपूर्ण प्रयास की “सदन में भ्रूण हत्या” कर दी गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह विधेयक देश की आधी आबादी—माताओं, बहनों और बेटियों—को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने का ईमानदार प्रयास था, लेकिन इसे सफल नहीं होने दिया गया।
Nari Shakti Amendment Bill : क्या था नारी शक्ति संशोधन विधेयक?
यह संशोधन विधेयक Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023 को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लाया गया था। इसका मुख्य लक्ष्य था कि लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण लागू करना, 2029 के चुनाव से महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ देना, राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व में संतुलन बनाना और महिलाओं को नीति-निर्माण में बराबरी का अवसर देना।
Nari Shakti Amendment Bill : पीएम मोदी ने गिनाईं विधेयक की प्रमुख खूबियां
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बिल की कई अहम विशेषताएं बताईं-
- महिलाओं को राजनीतिक अधिकार
उन्होंने कहा कि यह बिल 40 साल से लंबित महिला आरक्षण के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम था।
- 2029 से लागू करने की योजना
यह संशोधन आगामी लोकसभा चुनाव (2029) से महिलाओं को सीधा लाभ देने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
- समान प्रतिनिधित्व का प्रयास
यह बिल छोटे-बड़े सभी राज्यों को समान शक्ति देने और संसद में संतुलन बनाने का प्रयास था।
- महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
पीएम मोदी के अनुसार, यह 21वीं सदी की भारतीय नारी को नई उड़ान देने वाला ऐतिहासिक निर्णय था।
Nari Shakti Amendment Bill : विपक्ष पर तीखा हमला

प्रधानमंत्री ने Indian National Congress सहित कई विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि:
Trinamool Congress
Samajwadi Party
Dravida Munnetra Kazhagam
इन सभी दलों ने मिलकर इस विधेयक को रोकने का काम किया। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि इन दलों ने कभी संख्या, कभी प्रक्रिया के नाम पर भ्रम फैलाया और देश की महिलाओं के अधिकारों में बाधा डाली।
Nari Shakti Amendment Bill : “भ्रूण हत्या” वाले बयान का मतलब
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में “भ्रूण हत्या” शब्द का प्रयोग करते हुए कहा कि जिस तरह एक जीवन को जन्म लेने से पहले ही समाप्त कर दिया जाता है, उसी तरह इस विधेयक को संसद में पास होने से पहले ही खत्म कर दिया गया।
Nari Shakti Amendment Bill : राजनीतिक और सामाजिक महत्व
यह मुद्दा सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध महिला सशक्तिकरण और लोकतंत्र में समान भागीदारी से है। इससे महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ती, नीति निर्माण में विविधता आती और सामाजिक संतुलन मजबूत होता।
Nari Shakti Amendment Bill : नारी शक्ति संशोधन विधेयक को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक तरफ सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बता रही है, तो वहीं विपक्ष इसके प्रावधानों पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा भारतीय राजनीति और चुनावी एजेंडा दोनों में अहम भूमिका निभा सकता है।