Zomato platform fee hike : Zomato ने प्लेटफॉर्म फीस 2.40 रुपये बढ़ाकर 14.90 रुपये कर दी है, जिससे ऑनलाइन खाना मंगाना महंगा हो गया है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट तनाव का असर अब फूड डिलीवरी पर भी दिख रहा है।

Zomato platform fee hike : देश में महंगाई का असर अब आपके खाने के ऑर्डर पर भी साफ दिखने लगा है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी Zomato ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में 2.40 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। अब हर ऑर्डर पर ग्राहकों को ₹12.50 की जगह ₹14.90 प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर ग्राहकों की जेब पर असर डालने वाली है।
Zomato platform fee hike : क्या है प्लेटफॉर्म फीस?
प्लेटफॉर्म फीस वह चार्ज होता है जो फूड डिलीवरी ऐप्स अपने ऑपरेशन, टेक्नोलॉजी और सर्विस मैनेजमेंट के लिए लेते हैं। यह डिलीवरी चार्ज और टैक्स से अलग होता है।
Zomato platform fee hike : अब बराबरी पर Zomato और Swiggy
इस बढ़ोतरी के बाद Swiggy और Zomato के चार्ज लगभग बराबर हो गए हैं।
Swiggy पहले से ही लगभग ₹14.99 प्रति ऑर्डर (टैक्स सहित) वसूल रहा है
Zomato अब ₹14.90 प्रति ऑर्डर लेगा
यानी दोनों कंपनियों के बीच प्राइस का अंतर लगभग खत्म हो गया है।

पेट्रोल महंगा, डिलीवरी भी महंगी
इस फैसले के पीछे एक बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है।
प्रीमियम पेट्रोल के दाम करीब ₹2 तक बढ़े
डिलीवरी पार्टनर्स की लागत बढ़ी
लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से कंपनियों ने फीस बढ़ाई
इसका सीधा असर ग्राहकों पर पड़ रहा है।
Zomato platform fee hike : मिडिल ईस्ट टेंशन का असर

पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल ऑयल प्राइस में उछाल आया है, जिसका असर भारत सहित कई देशों में दिख रहा है।
ईंधन महंगा → डिलीवरी महंगी
डिलीवरी महंगी → ऑर्डर महंगा
Zomato platform fee hike : नया खिलाड़ी बना चुनौती
इसी बीच Rapido ने बेंगलुरु में अपनी नई फूड डिलीवरी सर्विस “Ownly” लॉन्च की है।
कंपनी का दावा:
कोई अतिरिक्त प्लेटफॉर्म फीस नहीं
सिर्फ डिलीवरी चार्ज
यह कदम Zomato और Swiggy जैसी कंपनियों पर दबाव बना सकता है।
Zomato platform fee hike : ग्राहकों पर क्या असर?

अब हर ऑर्डर में कुल खर्च कुछ इस तरह बढ़ेगा:
प्लेटफॉर्म फीस ↑
डिलीवरी चार्ज ↑ (संभावित)
टैक्स अलग
यानी छोटे ऑर्डर भी अब पहले से महंगे पड़ेंगे।
Zomato platform fee hike : ऑनलाइन फूड डिलीवरी इंडस्ट्री में बढ़ती लागत और प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनियां अपने रेवेन्यू को संतुलित करने के लिए फीस बढ़ा रही हैं। लेकिन इसका बोझ अंततः ग्राहक को ही उठाना पड़ रहा है। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले समय में “ऑनलाइन खाना मंगाना” एक लग्जरी बन सकता है।