US Iran War India Ports : भारत के पोर्ट्स से ईरान पर मिसाइल दागने का दावा फर्जी, विदेश मंत्रालय ने दी सफाई

US Iran War India Ports : ईरान-अमेरिका जंग के बीच भारत के पोर्ट्स से अमेरिका द्वारा मिसाइल दागने के दावे को विदेश मंत्रालय ने फर्जी बताया। जानें पूरा मामला और भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया।

US Iran War India Ports : ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत को लेकर एक बड़ी अफवाह सामने आई थी। दावा किया जा रहा था कि अमेरिका, ईरान पर हमले करने के लिए भारत के पोर्ट्स और नेवल बेस का इस्तेमाल कर रहा है। हालांकि भारत सरकार ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका या किसी भी अन्य देश को भारत की जमीन, बंदरगाह या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करके किसी तीसरे देश पर हमला करने की अनुमति नहीं दी गई है।

US Iran War India Ports : क्या था दावा?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म One America News Network (OANN) पर एक इंटरव्यू के दौरान पूर्व अमेरिकी आर्मी कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने कहा कि अमेरिका के कई सैन्य ठिकाने नष्ट हो चुके हैं और अब वह भारत के बंदरगाहों पर निर्भर है। इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका के अपने कई बेस और हार्बर तबाह हो चुके हैं। इसलिए अब अमेरिकी सेना को भारत के बंदरगाहों और सुविधाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा तेजी से फैल गया कि अमेरिका भारत से ईरान पर मिसाइल हमले कर रहा है।

US Iran War India Ports : विदेश मंत्रालय ने बताया सच

इन दावों के वायरल होने के बाद विदेश मंत्रालय के फैक्ट-चेक अकाउंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट कर इसे पूरी तरह फर्जी बताया। MEA ने कहा कि अमेरिकी चैनल पर किया गया यह दावा पूरी तरह बेसलेस और गलत है। भारत के बंदरगाहों का इस्तेमाल किसी भी सैन्य हमले के लिए नहीं किया जा रहा। लोगों को ऐसी भ्रामक और जाली खबरों से सावधान रहने की जरूरत है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत इस पूरे संघर्ष में तटस्थ (Neutral) रुख बनाए हुए है।

US Iran War India Ports : भारत की क्या है आधिकारिक नीति?

भारत लगातार कह रहा है कि वह ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष में किसी भी पक्ष का हिस्सा नहीं है। सरकार की नीति साफ है कि भारत किसी भी देश को अपनी जमीन या पोर्ट का इस्तेमाल युद्ध के लिए नहीं करने देता। भारत कूटनीतिक समाधान और बातचीत का समर्थन करता है। क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखना प्राथमिकता है।

US Iran War India Ports : भारतीय नागरिकों और व्यापार पर असर

सरकार के मुताबिक इस युद्ध का असर भारत पर कई तरीकों से पड़ सकता है। संभावित प्रभाव: मध्य पूर्व में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा सप्लाई चेन (कच्चे तेल की आपूर्ति), भारत का समुद्री व्यापार और शिपिंग रूट। इसी कारण भारत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

US Iran War India Ports : IRIS Dena युद्धपोत डूबने से बढ़ा तनाव

इस विवाद के बीच एक और घटना ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर क्षेत्र में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को निशाना बनाया। इस जहाज पर मौजूद लगभग 80-87 क्रू मेंबर्स की मौत होने की खबर सामने आई। यह युद्धपोत भारत में आयोजित नेवल एक्सरसाइज MILAN 2026 में शामिल होकर लौट रहा था। हालांकि भारत ने साफ किया कि इस हमले में भारतीय बंदरगाहों या सैन्य ठिकानों की कोई भूमिका नहीं थी।

US Iran War India Ports : भारत ने साफ कर दिया है कि अमेरिका द्वारा भारतीय पोर्ट्स से ईरान पर हमले करने का दावा पूरी तरह फर्जी खबर है। भारत इस संघर्ष में तटस्थ रुख बनाए हुए है और लगातार कूटनीतिक समाधान की अपील कर रहा है।

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