Bangladesh India Relations : बांग्लादेश चुनाव में जीत के बाद BNP प्रमुख तारिक रहमान ने भारत, चीन और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर बड़ा बयान दिया। शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया और SAARC को पुनर्जीवित करने की बात कही। जानिए भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर उनका पूरा रुख।
Bangladesh India Relations: शपथग्रहण से पहले BNP प्रमुख ने साफ की विदेश नीति की दिशा
Bangladesh India Relations : बांग्लादेश में आम चुनाव में बंपर जीत के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के प्रमुख तारिक रहमान ने भारत सहित पड़ोसी देशों के साथ संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की विदेश नीति “बांग्लादेश के लोगों के हितों” से संचालित होगी और किसी भी देश के साथ संबंध राष्ट्रीय हितों के आधार पर तय किए जाएंगे। तारिक रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी भारत, चीन और पाकिस्तान—तीनों देशों के साथ संतुलित और व्यावहारिक संबंध रखेगी, लेकिन प्राथमिकता केवल बांग्लादेश के हितों को दी जाएगी।

शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर क्या बोले?
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के संभावित प्रत्यर्पण के सवाल पर तारिक रहमान ने सीधे तौर पर कोई राजनीतिक घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा “यह पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करता है।”इस बयान को कूटनीतिक संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि भारत में शेख हसीना की मौजूदगी और प्रत्यर्पण की संभावनाओं को लेकर पहले से राजनीतिक चर्चा तेज है।
भारत के साथ रिश्तों पर क्या संकेत?
भारत-बांग्लादेश संबंध पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत रहे हैं। ऐसे में तारिक रहमान का “राष्ट्रीय हित पहले” वाला रुख यह संकेत देता है कि नई सरकार संबंधों को पूरी तरह तोड़ने की बजाय हित-आधारित पुनर्संतुलन की नीति अपना सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा सुरक्षा, व्यापार संतुलन, नदी जल बंटवारा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे मुद्दों पर नई सरकार अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर सकती है।
Bangladesh India Relations : चीन और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव पर रुख

चीन के साथ संबंधों और Belt and Road Initiative (BRI) पर तारिक रहमान ने कहा कि यदि किसी परियोजना से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलता है, तो सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी। यह बयान बताता है कि नई सरकार चीन के साथ सहयोग को पूरी तरह खारिज नहीं कर रही, बल्कि आर्थिक लाभ-हानि के आधार पर निर्णय लेने की बात कर रही है।
Bangladesh India Relations : SAARC को पुनर्जीवित करने की पहल

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन South Asian Association for Regional Cooperation (SAARC) को लेकर भी तारिक रहमान ने सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि SAARC की स्थापना बांग्लादेश की पहल पर हुई थी। हम चाहते हैं कि यह सक्रिय रूप से काम करे और इसे पुनर्जीवित करने के लिए मित्र देशों से चर्चा करेंगे। यह बयान क्षेत्रीय कूटनीति को फिर से गति देने की ओर इशारा करता है।
Bangladesh India Relations : देश की आंतरिक चुनौतियों पर फोकस
तारिक रहमान ने कहा कि नई सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं: गिरती अर्थव्यवस्था, कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति, संस्थानों का राजनीतिकरण, निवेश और रोजगार की कमी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था सुधारने और नए निवेश लाने पर प्राथमिकता देगी, ताकि रोजगार के अवसर पैदा हों।
Bangladesh India Relations : राजनीतिक संदेश- “यह लोकतंत्र की जीत है”
तारिक रहमान ने अपनी जीत को “बांग्लादेश, लोकतंत्र और जनता की उम्मीदों की जीत” बताया। उन्होंने पिछली सरकार पर लोकतांत्रिक सिद्धांतों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सुशासन और पारदर्शिता स्थापित करने का वादा किया।