Kashi Vishwanath Haldi Ritual : 13 फरवरी को काशीपुराधिपति को चढ़ेगी शगुन की हल्दी, त्र्यंबकेश्वर से आएगी बाबा विश्वनाथ के विवाह की पावन सामग्री

Kashi Vishwanath Haldi Ritual : महाशिवरात्रि से पहले 13 फरवरी को काशी में बाबा विश्वनाथ को त्र्यंबकेश्वर से मंगाई गई शगुन की हल्दी अर्पित की जाएगी। जानिए शिव विवाह से जुड़ी सदियों पुरानी परंपरा का महत्व।

Kashi Vishwanath Haldi Ritual : देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी में महाशिवरात्रि से पूर्व शिव विवाह की पावन परंपराओं का शुभारंभ होने जा रहा है। सदियों से चली आ रही लोक परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी 13 फरवरी, शुक्रवार को काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ को शगुन की हल्दी अर्पित की जाएगी। यह धार्मिक अनुष्ठान सायंकाल टेढ़ीनीम स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर विधि-विधानपूर्वक संपन्न होगा।
इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ की पंचबदन चल प्रतिमा को विशेष रूप से सुसज्जित कर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हल्दी अर्पण किया जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि काशी की सामूहिक लोकसंस्कृति और परंपरागत जीवनशैली का जीवंत प्रतीक भी माना जाता है।

Kashi Vishwanath Haldi Ritual : त्र्यंबकेश्वर से मंगाई गई बाबा के शगुन की हल्दी

सिद्धपीठ बड़ी शीतला माता मंदिर के उपमहंत अवशेष पाण्डेय (कल्लू महाराज) ने बताया कि इस वर्ष बाबा को अर्पित की जाने वाली शगुन की हल्दी विशेष रूप से महाराष्ट्र के नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग से मंगाई गई है। यह हल्दी बड़ी शीतला माता मंदिर के महंत परिवार की ओर से लाई जा रही है, जो इस परंपरा को पीढ़ियों से निभाता आ रहा है। लोकमान्यता है कि त्र्यंबकेश्वर से आई हल्दी से बाबा का श्रृंगार अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है।

Kashi Vishwanath Haldi Ritual : बसंत पंचमी से शुरू होती है शिव विवाह की मांगलिक परंपरा

काशी शिव बारात समिति के महामंत्री दिलीप सिंह ने बताया कि काशी में बाबा विश्वनाथ के विवाह से जुड़े उत्सवों की शुरुआत बसंत पंचमी से ही हो जाती है। टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर होने वाला यह आयोजन अपनी विशिष्ट परंपरा और गरिमा के लिए जाना जाता है। महाशिवरात्रि से पूर्व शिव बारात निकलने से पहले समिति की महिलाएं परंपरागत विधि से बाबा को शगुन की हल्दी अर्पित करती हैं, जिसे शिव विवाह का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। इसके बाद रंगभरी एकादशी तक मांगलिक अनुष्ठानों की श्रृंखला निरंतर चलती रहती है।

Kashi Vishwanath Haldi Ritual : भव्य शोभायात्रा के साथ पहुंचेगी पावन हल्दी

काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत अंकशास्त्री पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि शगुन से जुड़ी यह परंपरा सैकड़ों वर्षों पुरानी है। 13 फरवरी को नासिक के त्र्यंबकेश्वर से लाई गई हल्दी को बांसफाटक स्थित ‘धर्म-निवास’ श्रीयंत्र पीठम से पारंपरिक शोभायात्रा के रूप में टेढ़ीनीम महंत आवास तक लाया जाएगा।शोभायात्रा में वैदिक मंत्रोच्चार, ढोल-नगाड़े, शंखध्वनि और भक्तिमय जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय हो उठेगा। यह आयोजन बड़ी शीतला माता मंदिर के महंत शिवप्रसाद पाण्डेय ‘लिंगिया महाराज’ के नेतृत्व में संपन्न होगा।

Kashi Vishwanath Haldi Ritual : 11 वैदिक ब्राह्मण करेंगे विशेष पूजन

शिवांजलि आयोजन के संयोजक संजीव रत्न मिश्र ने बताया कि शगुन की हल्दी अर्पण से पहले महंत आवास पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। परिवार की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती मोहिनी देवी के सानिध्य में, महंत पं. वाचस्पति तिवारी के नेतृत्व में 11 वैदिक ब्राह्मण बाबा विश्वनाथ की पंचबदन प्रतिमा का विधिवत पूजन करेंगे। पूजन के पश्चात बाबा का भव्य श्रृंगार किया जाएगा, जिसमें काशी की प्राचीन धार्मिक, सांस्कृतिक और लोक परंपराओं की झलक स्पष्ट दिखाई देगी। यह दृश्य काशीवासियों और श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक और मंगलकारी माना जाता है।

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