Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : महाशिवरात्रि 2026- काशी में हंपी होली, होला मोहल्ला और लट्ठमार रंग में निकलेगी ऐतिहासिक शिव बरात

Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : महाशिवरात्रि 2026 पर काशी में हंपी होली, होला मोहल्ला और लट्ठमार होली के रंग में निकलेगी ऐतिहासिक शिव बरात। जानिए रूट, समय और खास थीम की पूरी जानकारी।

Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : महाशिवरात्रि 2026 को लेकर धर्मनगरी काशी में तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। इस बार भगवान शिव की बरात सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि होलियाना मस्ती, बनारसी ठिठोली और देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का अनोखा संगम बनने जा रही है। करीब 45 वर्षों से चली आ रही विश्व प्रसिद्ध शिव बरात इस बार खास थीम “हर आदमी है टेंशन में, चलो थोड़ा गुदगुदाया जाए” पर निकाली जाएगी।

Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : होलियाना अंदाज में सजेगी शिव बरात

महाशिवरात्रि के दिन महामृत्युंजय महादेव मंदिर, दारानगर से निकलने वाली शिव बरात में इस बार वृंदावन की लट्ठमार होली, कर्नाटक की हंपी होली, पंजाब की होला मोहल्ला और अन्य राज्यों की लोक-संस्कृति आधारित झांकियां लोगों को रंग, हास्य और उल्लास से सराबोर करेंगी। बरात में बनारसी हुड़दंग, लोकगीत, व्यंग्य और अल्हड़ मस्ती काशी की सड़कों पर जीवंत नजर आएगी।

Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : तनाव में डूबे समाज को हंसाने की पहल

शिव बरात समिति के संस्थापक ने बताया कि वर्तमान समय में माघ मेला, यूजीसी से जुड़े मुद्दे, मणिकर्णिका घाट और अन्य सामाजिक कारणों से आम जनमानस तनाव में है। ऐसे में लुप्त होती बनारसी मस्ती, ठिठोली और हास्य परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से इस बार शिव बरात को होली के रंग में ढाला गया है।

Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : भोजपुरी अंदाज में भेजा जा रहा शिव विवाह का न्योता

काशी विश्वनाथ मंदिर से बाबा भोलेनाथ की शादी के लिए बेलपत्र और तिलक युक्त निमंत्रण पत्र भेजे जा रहे हैं। यह निमंत्रण भोजपुरी भाषा और ठेठ बनारसी शैली में लिखा गया है, जो काशी की लोकसंस्कृति और परंपरा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है।

Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : शाम 5 बजे निकलेगी शिव बरात, 7 घंटे में तय होगा 4 किमी का सफर

शिव बरात की शुरुआत 15 फरवरी को शाम 5 बजे महामृत्युंजय महादेव मंदिर, दारानगर से होगी। बरात का मार्ग इस प्रकार रहेगा: दारानगर → मैदागिन → बुलानाला → नीचीबाग → आसभैरव → चौक → ज्ञानवापी → गोदौलिया → दशाश्वमेध (चितरंजन पार्क)। करीब 4 किलोमीटर लंबी यात्रा लगभग 7 घंटे में पूरी होगी। रास्ते भर काशीवासी दूल्हा बने बाबा भोलेनाथ का तिलक कर स्वागत करेंगे। इस वर्ष करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड में है।

Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : तिलभांडेश्वर महादेव से भी निकलेगी भव्य शिव बरात

महाशिवरात्रि के दिन तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से भी एक दिव्य और अलौकिक शिव बरात निकाली जाएगी। यह बरात दोपहर 12 बजे मंदिर से निकलकर पांडे हवेली, केदारजी आदि मार्गों से होते हुए शाम 4 बजे पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। इस शिव बरात मेंमहाकाल, ब्रह्मा-विष्णु-महेश, राम दरबार, नवदुर्गा, देवगण, ऋषिगण, शिवगण, घोड़े-ऊंट, डमरू नाद, ढोल-नगाड़े, शहनाई और बैंड श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

Mahashivratri 2026 Varanasi Shiv Barat : आरती, रुद्राभिषेक और महाप्रसाद

सायं 6:30 बजे संध्या आरती, रात्रि में विशेष रुद्राभिषेक और अगले दिन मंगला आरती के बाद दक्षिण भारतीय परंपरा अनुसार सांभर-चावल महाप्रसाद का वितरण प्रातः 9 बजे तक किया जाएगा।

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