India Russia Oil Purchase : भारत के रूस से तेल आयात बंद करने के ट्रंप के दावे पर क्रेमलिन की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। जानें भारत-अमेरिका ट्रेड डील, रूसी तेल और जियोपॉलिटिक्स से जुड़ी पूरी जानकारी।
India Russia Oil Purchase : भारत-रूस तेल व्यापार पर सस्पेंस, ट्रंप के बयान से बढ़ी हलचल

India Russia Oil Purchase : भारत और रूस के बीच तेल व्यापार को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति गरमा गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करने पर सहमति जताई है। हालांकि, इस दावे पर अब क्रेमलिन की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ गई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
India Russia Oil Purchase : ट्रंप के दावे पर क्रेमलिन का जवाब
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि “भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी हमारे लिए बेहद अहम है। भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद रोकने को लेकर हमें अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।” क्रेमलिन के इस बयान से साफ है कि ट्रंप के दावे की अब तक सरकारी पुष्टि नहीं हुई है।
India Russia Oil Purchase : क्या है ट्रंप का दावा?
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात बंद करने पर सहमति जताई है। बदले में अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 18% कर दिया है। साथ ही भारत 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदेगा। ट्रंप ने इसे ऊर्जा सहयोग और जियो-पॉलिटिकल रणनीति से जुड़ा बड़ा कदम बताया।
India Russia Oil Purchase : भारत क्यों है रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार?

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते रूस ने भारत को रियायती दरों पर कच्चा तेल बेचना शुरू किया। इसके बाद भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया।
हालांकि, नवंबर 2025 में कड़े प्रतिबंधों के दबाव में कुछ भारतीय रिफाइनरियों ने आयात कम किया। दिसंबर 2025 में रूसी तेल आयात 22% घटकर 1.38 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया।
India Russia Oil Purchase : अमेरिका की रणनीति क्या है?
अमेरिका और यूरोपीय यूनियन लगातार चाहते रहे हैं कि रूस की तेल आय से यूक्रेन युद्ध की फंडिंग कमजोर हो। इसी वजह से भारत समेत अपने सहयोगी देशों पर रूसी ऊर्जा खरीद कम करने का दबाव बनाया जाता रहा है।
India Russia Oil Purchase : ट्रेड डील से खुलेंगे नए अवसर: पीएम मोदी

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ होता है और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के नए अवसर खुलते हैं।”
India Russia Oil Purchase : फिलहाल, ट्रंप का दावा मौजूद है। लेकिन क्रेमलिन ने भारत की ओर से रूसी तेल खरीद रोकने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है। यह मामला सिर्फ ऊर्जा व्यापार तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और रणनीतिक संतुलन से भी जुड़ा है।