Union Budget 2026 में मेडिकल टूरिज्म, हेल्थकेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर रहा, लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में राहत न मिलने से मिडिल क्लास और युवा सबसे ज्यादा निराश दिखे। Budget 2026 का पूरा विश्लेषण पढ़ें।
Union Budget 2026 Analysis : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया Union Budget 2026 सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति को तो मजबूती देता दिखा, लेकिन तात्कालिक राहत की उम्मीद कर रहे सैलरीड मिडिल क्लास और युवाओं को निराशा हाथ लगी। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, कनेक्टिविटी और मेडिकल टूरिज्म जैसे सेक्टरों पर बड़ा फोकस रहा, वहीं इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव न होना आम करदाताओं के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुआ।
Union Budget 2026 Analysis : इकोनॉमी के लिए क्या रहा पॉजिटिव
Budget 2026 में सरकार ने साफ कर दिया कि उसका फोकस “इंस्टेंट रिलीफ” से ज्यादा “लॉन्ग टर्म ग्रोथ” पर है। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारी पूंजीगत निवेश की घोषणा की गई है। इससे भविष्य में रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Union Budget 2026 Analysis : मेडिकल टूरिज्म और हेल्थकेयर पर बड़ा दांव
सरकार ने आयुर्वेदिक AIIMS, मेडिकल हब और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की है। इसके साथ ही कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को ड्यूटी फ्री किए जाने का फैसला मरीजों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। हेल्थ सेक्टर में यह कदम भारत को ग्लोबल मेडिकल डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
Union Budget 2026 Analysis : रिवाइज्ड ITR में राहत, लेकिन असर सीमित
Budget 2026 में Revised Income Tax Return (ITR) फाइल करने की समय-सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया है। यह उन टैक्सपेयर्स के लिए राहत है जो समय पर रिटर्न में गलती सुधार नहीं कर पाते थे। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत तकनीकी है, आर्थिक नहीं।
Union Budget 2026 Analysis : मिडिल क्लास और युवाओं की बढ़ी मायूसी
बजट से सबसे ज्यादा निराशा सैलरीड मिडिल क्लास और युवाओं को हुई है। महंगाई के बढ़ते दबाव के बावजूद इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव न होना और स्टैंडर्ड डिडक्शन में राहत न मिलना मध्यम वर्ग के लिए बड़ा झटका साबित हुआ। वहीं ‘यूथ-फर्स्ट’ के दावों के बावजूद बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने वाली नई योजनाओं या ठोस जॉब इंसेंटिव बजट में नजर नहीं आए, जिससे बेरोजगारी को लेकर चिंताएं और गहरी हुई हैं।

Union Budget 2026 Analysis : इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार पर सवाल
शहरी विकास, मेट्रो प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप जैसी योजनाओं में कटौती से यह आशंका भी जताई जा रही है कि शहरों में रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसके अलावा F&O ट्रेड पर STT बढ़ाने के फैसले से रिटेल निवेशकों में नाराज़गी दिखी, जिसका असर बजट के बाद शेयर बाजार में गिरावट के रूप में भी सामने आया।
Union Budget 2026 Analysis : कुल मिलाकर, Union Budget 2026 “कल की अर्थव्यवस्था” को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाता दिखता है, लेकिन “आज की नौकरी, आज की आय और आज की महंगाई” से जूझ रहे आम लोगों को अपेक्षित राहत देने में नाकाम रहा। सरकार विकास की मजबूत नींव रखने का दावा कर रही है, लेकिन उस विकास का लाभ आम आदमी तक कितनी जल्दी पहुंचेगा — यही इस बजट पर सबसे बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।