Manoj Tiwari Banaras Lit Fest : बनारस लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में मनोज तिवारी ने भोजपुरी गीतों और ‘हर-हर महादेव’ भक्ति गीत से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। काशी को बताया आध्यात्मिक रीचार्जिंग सेंटर।
Manoj Tiwari Banaras Lit Fest : काशी की आध्यात्मिक भूमि पर आयोजित बनारस लिटरेचर फेस्टिवल (Banaras Lit Fest) के मंच पर शुक्रवार को उस समय खास नज़ारा देखने को मिला, जब भोजपुरी सुपरस्टार और सांसद मनोज तिवारी ने अपनी प्रस्तुति से पूरे परिसर को भक्तिरस में डुबो दिया। उनके मंच पर आते ही दर्शकों ने ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारे लगाए और माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया।
Manoj Tiwari Banaras Lit Fest : काशी हमारे लिए रीचार्जिंग सेंटर है- मनोज तिवारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज तिवारी ने काशी की आध्यात्मिक महत्ता पर भावुक शब्दों में कहा, “काशी में रहने वाला भी इस शहर को पूरी तरह नहीं जान सकता। इसके लिए बहुत बतियाना होगा, बहुत रिसर्च करनी होगी। लेकिन इतना तय है कि काशी हमारे लिए एक रीचार्जिंग सेंटर है।” उन्होंने कहा कि वाराणसी ऐसी नगरी है जहां आकर मन को शांति और आत्मा को नई ऊर्जा मिलती है। यही वजह है कि काशी हर कलाकार, लेखक और साधक को बार-बार अपनी ओर खींचती है।
Manoj Tiwari Banaras Lit Fest : भोजपुरी गीतों से लेकर शिव भक्ति तक का अनोखा संगम

मनोज तिवारी की प्रस्तुति केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही। उन्होंने अपने लोकप्रिय भोजपुरी गीतों के साथ-साथ खुद द्वारा रचित ‘हर-हर महादेव’ भक्ति गीत की प्रस्तुति दी। जैसे ही शिव भक्ति से ओतप्रोत यह गीत मंच से गूंजा, दर्शक दोनों हाथ उठाकर झूमने लगे और पूरा पंडाल शिवमय हो गया। संगीत, भक्ति और भावनाओं का यह संगम दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गया। कई दर्शक मोबाइल कैमरों में इस पल को कैद करते नजर आए।
Manoj Tiwari Banaras Lit Fest : बनारस लिट फेस्ट- विचार, साहित्य और संस्कृति का उत्सव

30 जनवरी से 1 फरवरी तक ताज गंगेज, वाराणसी में आयोजित बनारस लिट फेस्ट साहित्य, संस्कृति, संगीत और संवाद का एक अनोखा मंच है। देश-विदेश के लेखक, कलाकार, बुद्धिजीवी और सांस्कृतिक हस्तियां इस महोत्सव में हिस्सा ले रही हैं। फेस्ट के पहले दिन मनोज तिवारी की मौजूदगी इसे और भी खास बना गई। उनकी प्रस्तुति ने यह साबित कर दिया कि बनारस केवल साहित्य का नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति और आध्यात्मिक संगीत का भी केंद्र है।
Manoj Tiwari Banaras Lit Fest : काशी की सांस्कृतिक विरासत को मिली नई ऊर्जा
मनोज तिवारी की प्रस्तुति ने बनारस की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा दी। यह कार्यक्रम इस बात का जीवंत उदाहरण बना कि जब साहित्य और संगीत एक साथ आते हैं, तो वे समाज को जोड़ने और भावनात्मक रूप से समृद्ध करने का काम करते हैं।