Padma Awards 2026 Varanasi : काशी ने रचा इतिहास, संगीत और चिकित्सा क्षेत्र से तीन विभूतियों को मिला पद्म सम्मान

Padma Awards 2026 Varanasi : गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा में काशी ने नया इतिहास रचा। बीएचयू से जुड़े तीन विभूतियों को संगीत और चिकित्सा क्षेत्र में पद्म सम्मान मिला।

Padma Awards 2026 Varanasi : गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा होते ही काशी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। पहली बार ऐसा हुआ है जब संगीत के क्षेत्र में काशी से दो पद्म सम्मान एक साथ मिले हैं। इसके साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भी काशी को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।भारत सरकार द्वारा घोषित पद्म पुरस्कारों की सूची में बीएचयू से जुड़ी तीन महान विभूतियों के नाम शामिल होने से वाराणसी में उत्साह का माहौल है।

Padma Awards 2026 Varanasi : संगीत जगत में काशी की गूंज

बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय में लंबे समय तक सेवाएं देने वाली प्रो. एन. राजम को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मविभूषण से नवाजा गया है। वहीं बीएचयू महिला महाविद्यालय के संगीत विभाग की पूर्व प्रोफेसर मंगला कपूर को पद्मश्री सम्मान मिला है। दोनों संगीत साधिकाओं ने काशी की शास्त्रीय संगीत परंपरा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

Padma Awards 2026 Varanasi : चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि

आईएमएस बीएचयू के मेडिसिन विभाग के डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर श्यामसुंदर अग्रवाल को कालाजार उन्मूलन में अहम योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान दिया गया है। उन्होंने कालाजार के इलाज को आसान और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण शोध कार्य किया, जिससे मरीजों को अब लंबे इलाज से राहत मिल रही है।

Padma Awards 2026 Varanasi : “यह बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद है”

अमर उजाला से बातचीत में प्रो. एन. राजम, प्रो. मंगला कपूर और प्रो. श्यामसुंदर अग्रवाल ने इस सम्मान को बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि इस सम्मान के साथ समाज के प्रति नई जिम्मेदारी का अहसास भी जुड़ा है।

Padma Awards 2026 Varanasi : संघर्ष से सम्मान तक-प्रो. मंगला कपूर की प्रेरक कहानी

प्रो. मंगला कपूर की जीवन यात्रा संघर्ष और साहस की मिसाल है। उन्होंने बताया कि 1965 में 12 वर्ष की उम्र में पारिवारिक विवाद के चलते उनके चेहरे पर एसिड फेंक दिया गया था। इस हादसे के बाद लंबे समय तक घर में रहना पड़ा, लेकिन माता-पिता के सहयोग और आत्मविश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। ग्वालियर घराने की परंपरा से जुड़ी प्रो. मंगला कपूर की संगीत साधना सेवानिवृत्ति के बाद भी आज तक जारी है।

Padma Awards 2026 Varanasi : कालाजार इलाज में क्रांति

प्रो. श्यामसुंदर अग्रवाल ने बताया कि पहले कालाजार के मरीजों को एक महीने तक इलाज कराना पड़ता था, लेकिन उनके शोध के बाद अब एक दिन की दवा से प्रभावी इलाज संभव हो सका है। छह वर्षों के निरंतर परीक्षण के बाद यह उपलब्धि हासिल हुई।

Padma Awards 2026 Varanasi : प्रो. एन. राजम: संगीत की जीवंत विरासत

केरल मूल की प्रो. एन. राजम ने बीएचयू में 38 वर्षों तक सेवा दी। उनके शिष्य आज देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में संगीत शिक्षा दे रहे हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनकी संगीत साधना और मार्गदर्शन निरंतर जारी रहा।

Padma Awards 2026 Varanasi : पिछले छह वर्षों में काशी को मिले पद्म सम्मान

2026: प्रो. एन. राजम (पद्मविभूषण), प्रो. मंगला कपूर, प्रो. श्यामसुंदर अग्रवाल (पद्मश्री)
2025: पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ (पद्मश्री)
2024: गोदावरी सिंह, सुरेंद्र मोहन मिश्र (पद्मश्री)
2023: प्रो. ऋत्विक सान्याल, प्रो. मनोरंजन साहू (पद्मश्री)
2022: राधेश्याम खेमका (मरणोपरांत पद्मविभूषण), आचार्य वशिष्ठ त्रिपाठी (पद्मभूषण) सहित अन्य
2021: पंडित रामयत्न शुक्ल सहित तीन विभूतियां (पद्मश्री)

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