Manikarnika Ghat Redevelopment : मणिकर्णिका घाट का ₹17.56 करोड़ से हो रहा गरिमामयी पुनर्विकास काशी की आध्यात्मिक आत्मा को नया स्वरूप दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी वैश्विक पहचान की ओर अग्रसर।
Manikarnika Ghat Redevelopment : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ₹17.56 करोड़ से हो रहा गरिमामयी पुनर्विकास, 7.26 करोड़ श्रद्धालुओं ने 2025 में किया काशी का दर्शन

Manikarnika Ghat Redevelopment : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में काशी आज अपने दिव्य, भव्य और व्यवस्थित स्वरूप के साथ पूरी दुनिया में आध्यात्मिक नगरी के रूप में नई पहचान बना रही है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के बाद अब मणिकर्णिका घाट का समग्र और गरिमामयी पुनर्विकास काशी की आत्मा को और अधिक सशक्त कर रहा है। प्रदेश के आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने मणिकर्णिका घाट को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रम और विवादों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 7.26 करोड़ श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों ने वाराणसी का दर्शन कर नया इतिहास रचा है। यह काशी के बढ़ते वैश्विक आकर्षण का प्रमाण है।
Manikarnika Ghat Redevelopment : ₹17.56 करोड़ की लागत से आधुनिक सुविधाओं का विकास

मणिकर्णिका घाट पर ₹17.56 करोड़ की लागत से रैंप, वुडन प्लाजा, व्यूइंग एरिया, बेहतर एक्सेस पाथ, रूफटॉप और वीआईपी सीटिंग जैसी आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल एवं श्रद्धालु हितैषी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी, जिसे 2026 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। इस पुनर्विकास परियोजना का उद्देश्य मोक्ष के इस पावन द्वार को अधिक सुव्यवस्थित, सम्मानजनक और सुगम बनाना है, वह भी सनातन परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं को अक्षुण्ण रखते हुए।
Manikarnika Ghat Redevelopment : CSR के तहत हो रहा कार्य, सभी परंपराएँ सुरक्षित
आयुष मंत्री ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पुनर्विकास परियोजना को रूपा फाउंडेशन द्वारा अपनी सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) प्रतिबद्धताओं के अंतर्गत वित्तपोषित और क्रियान्वित किया जा रहा है। परियोजना पिछले एक वर्ष से निर्माणाधीन है। इसके अंतर्गत दाह-संस्कार से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं चिता प्लेटफॉर्म, लकड़ी भंडारण एवं विक्रय क्षेत्र, पूर्व-क्रिया स्थल, मुंडन क्षेत्र, आगंतुकों के लिए बैठने की सुविधा और शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है।
Manikarnika Ghat Redevelopment : सभी मूर्तियाँ और शिल्पकृतियाँ पूरी तरह सुरक्षित
जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, घाट की सीढ़ियों के पुनर्निर्माण के दौरान ‘मढ़ी’ की दीवारों पर स्थापित कुछ आकृतियाँ और शिल्पकृतियाँ अस्थायी रूप से अपनी जगह से हट गई थीं। इन सभी मूर्तियों और कलाकृतियों को पूरी तरह सुरक्षित रूप से संरक्षित कर लिया गया है और कार्य पूर्ण होते ही इन्हें यथास्थान पुनः स्थापित किया जाएगा।
Manikarnika Ghat Redevelopment : मसानेनाथ, महाकाल और तारकेश्वर मंदिर पूर्णतः सुरक्षित

स्पष्ट किया गया है कि मणिकर्णिका घाट पर स्थित मसानेनाथ मंदिर, महाकाल मंदिर और तारकेश्वर महादेव मंदिर सहित सभी धार्मिक स्थल पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई गई है। सोशल मीडिया पर मंदिरों को नुकसान पहुंचाने के दावे भ्रामक और तथ्यहीन हैं।
Manikarnika Ghat Redevelopment : डबल इंजन सरकार परंपरा और विकास का संतुलन
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार माँ गंगा, पावन घाटों और सनातन परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। वहीं कांग्रेस पर वर्षों की उपेक्षा को छिपाने के लिए भ्रम फैलाने और विरोध की राजनीति करने का आरोप भी लगाया गया। जिस मणिकर्णिका घाट को दशकों तक अव्यवस्था और गंदगी के हवाले छोड़ दिया गया था, वही घाट आज विश्वस्तरीय सुविधाओं और आध्यात्मिक गरिमा का प्रतीक बनता जा रहा है। आज काशी केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि आस्था, विरासत और विकास के संगम के रूप में वैश्विक पहचान स्थापित कर रही है।